
बसन्त पञ्चमी विधि (मिथिला — वसन्तोत्सव)
बसन्त पञ्चमी मिथिला में वसन्त ऋतु आगमन एवं सरस्वती पूजा। पीले वस्त्र अनिवार्य — "बसन्ती" रंग। कृषि — वसन्त फ़सल (रबी) कटाई प्रारम्भ। अरिपन — सरस्वती एवं वसन्त डिज़ाइन। पतंग उड़ाना — उत्सव। मिथिला में "ऋतु परिवर्तन" का पर्व।
माघ शुक्ल पञ्चमी (जनवरी–फ़रवरी)
प्रातःकाल — सरस्वती पूजा
Puja Samagri (Items Required)
- पीले पुष्प, पीले वस्त्र
- सरस्वती मूर्ति/चित्र
- हल्दी, चावल, पुष्प
- पतंग
- घी दीपक
- फल, मिठाई
- अरिपन पाउडर
Puja Procedure — Steps
सरस्वती पूजा
सरस्वती मूर्ति/चित्र स्थापित। पीले पुष्प-वस्त्र। हल्दी-चावल अर्पित। "ॐ सरस्वत्यै नमः"। अरिपन।
बसन्ती पोशाक
परिवार पीले वस्त्र पहने — "बसन्ती" रंग वसन्त का प्रतीक। पीले पकवान — केसर खीर, पीला भात।
पतंगोत्सव
पतंग उड़ाएँ — बच्चे-बड़े सब। वसन्त ऋतु उत्सव। आकाश में रंग-बिरंगी पतंगें।
प्रसाद एवं कृषि प्रार्थना
प्रसाद बाँटें। रबी फ़सल कटाई हेतु प्रार्थना — "अच्छी फ़सल हो"। मिथिला कृषि परम्परा।
Main Mantra
ॐ सरस्वत्यै नमः । वसन्त ऋतु मंगलम् । या कुन्देन्दुतुषारहारधवला ।
Benefits of this Puja
सरस्वती कृपा, विद्या-बुद्धि, वसन्त ऋतु शुभारम्भ, कृषि आशीर्वाद, मिथिला उत्सव परम्परा।
Important Notes
बेर-बेर पुछल जाएबला प्रश्न
बसन्त पञ्चमी विधि (मिथिला — वसन्तोत्सव) कहिया कएल जाइत अछि आ शुभ मुहूर्त की अछि?
माघ शुक्ल पञ्चमी (जनवरी–फ़रवरी) — प्रातःकाल — सरस्वती पूजा
बसन्त पञ्चमी विधि (मिथिला — वसन्तोत्सव) लेल कोन पूजा सामग्री चाही?
पीले पुष्प, पीले वस्त्र, सरस्वती मूर्ति/चित्र, हल्दी, चावल, पुष्प, पतंग, घी दीपक, फल, मिठाई, अरिपन पाउडर
बसन्त पञ्चमी विधि (मिथिला — वसन्तोत्सव) मे कोन मंत्र जपल जाइत अछि?
ॐ सरस्वत्यै नमः । वसन्त ऋतु मंगलम् । या कुन्देन्दुतुषारहारधवला ।
बसन्त पञ्चमी विधि (मिथिला — वसन्तोत्सव) करबा सँ की लाभ भेटैत अछि?
सरस्वती कृपा, विद्या-बुद्धि, वसन्त ऋतु शुभारम्भ, कृषि आशीर्वाद, मिथिला उत्सव परम्परा।