
सरस्वती पूजा बिधि
सरस्वती पूजा भोजपुरी इलाका के हर स्कूल, गाँव आ मोहल्ला में बसंत पंचमी के बड़ धूमधाम से मनावल जाला। लइकन (छात्र-छात्रा) खातिर ई सबसे बड़ पर्व बा। पीयर कपड़ा पहिनल, पलास के फूल, खिचड़ी भोग आ किताब-कलम पूजा — ई सब सिरिस्ता भोजपुरी बेल्ट के खास बा।
माघ शुक्ल पंचमी — बसंत पंचमी (जनवरी/फरवरी)
सबेरे — 8 बजे से 12 बजे
Puja Samagri (Items Required)
- सरस्वती प्रतिमा
- किताब, कलम, दवात
- पलास (टेसू) के फूल
- पीयर कपड़ा
- खिचड़ी भोग के सामाग्री
- सफेद फूल, चंदन, धूप, दीया
Puja Procedure — Steps
प्रतिमा स्थापन
सरस्वती प्रतिमा पीयर कपड़ा पर स्थापित करीं। सामने किताब, कलम, दवात रखीं। पलास के फूल से सजाईं।
पूजा आ मंत्र
सफेद फूल, चंदन, धूप, दीया से पूजा करीं। "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" 108 बेर जाप करीं।
खिचड़ी भोग
खिचड़ी, लहसुन चटनी, बैगन भर्ता — भोजपुरी सरस्वती पूजा के खास भोग बा। देवी के नेवता (भोग) लगाईं।
आरती आ विसर्जन
सरस्वती आरती करीं। प्रसाद बँटाईं। अगिला दिन प्रतिमा विसर्जन करीं।
Main Mantra
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः। या कुन्देन्दुतुषारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता, या वीणावरदण्डमण्डितकरा या शुभ्रपद्मासना।
Benefits of this Puja
सरस्वती पूजा से विद्या, बुद्धि, ज्ञान, परीक्षा में सफलता आ बोलचाल में तेज़ी मिलेला।