
मेष
21 मार्च – 19 अप्रैल · अग्नि · मंगलशुक्र सुंदरता आ सामंजस्य अनैत छथि। कलात्मक गतिविधि अनुकूल अछि। आकर्षण चरम पर अछि।
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पालन करय सँ पहिने अर्थ आ अनुष्ठान स्वयं सत्यापित करू। ई चिकित्सा, कानूनी वा वित्तीय सलाह नहि अछि।


VedKosh
तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युध्य च। मय्यर्पितमनोबुद्धिर्मामेवैष्यस्यसंशयम्।।8.7।।
अर्थ
इसलिए सदा मेरा स्मरण कर और युद्ध भी कर। मुझ में अर्पित मन-बुद्धि होने से निस्संदेह तू मुझे ही प्राप्त होगा।
चौपाईसो परम धरम श्रुति गावा। संतन्ह जे आचरत पावा।। जिमि जल सीकर सूखत जाई। तिमि संगत कुसंगत जाई।।
अर्थ
संतों का वह आचरण ही परम धर्म है जिसे वेद गाते हैं। जैसे पानी की बूँद सूखती है, वैसे ही कुसंग की संगत मिट जाती है जब सत्संग मिले।
वैदिक घड़ी
आकाश की गणना हो रही है…

शुक्र सुंदरता आ सामंजस्य अनैत छथि। कलात्मक गतिविधि अनुकूल अछि। आकर्षण चरम पर अछि।
आइ सभसँ नीकप्रेम

आइ सन्तुलित ऊर्जा वाला सामंजस्यपूर्ण दिन अछि। जीवनक सभ पक्ष आइ समान अछि। मनमे शान्ति आ प्रसन्नता बनल रहत।
आइ सभसँ नीककरियर

सार्वजनिक प्रतिष्ठा आ करियर उपलब्धि पर आइ प्रकाश अछि। समाज मे मान-सम्मान बढ़त। उपलब्धि कए स्वीकार करू।
आइ सभसँ नीककरियर

आइ सावधान रहू किएक तँ अप्रत्याशित चुनौती आबि सकैत अछि। शांत आ संयत रहू। अहाँक धैर्यक परीक्षा हएत, मुदा परिणाम अहाँक पक्ष मे हएत।
आइ सभसँ नीकप्रेम

बौद्धिक क्षमता चमकत। प्रतियोगी परीक्षा नीक जायत। ज्ञान साझा करब मान्यता आनत।
आइ सभसँ नीककरियर

नव शुरुआत लेल आइ शुभ दिन अछि। नव उद्यम वा परियोजना आरम्भ करब अत्यन्त अनुकूल अछि। आगाँ बढ़बाक साहस राखू।
आइ सभसँ नीककरियर

स्वास्थ्य आ दैनिक दिनचर्या पर आइ ध्यान दियऊ। नियमितता जीवनमे स्थिरता आनत। छोट-छोट सुधार दीर्घकाल मे पैघ बदलाव लाओत।
आइ सभसँ नीकस्वास्थ्य

आइ सकारात्मक ऊर्जा आ नव अवसर लऽ कऽ आयल अछि। अहाँक आत्मविश्वास उच्च रहत आ आसपासक लोक अहाँक नेतृत्व गुणक प्रशंसा करत। साँझ मे एक सुखद आश्चर्य संभव अछि।
आइ सभसँ नीकप्रेम

एक परिवर्तनकारी दिन अछि। पुरान शिकायत छोड़ू। ध्यान आ प्रार्थना शांति आनत।
आइ सभसँ नीकप्रेम

शनि अनुशासन सिखबैत छथि। पहिलुकाँ प्रयासक परिणाम प्रकट होइत अछि। धैर्यवान रहू।
आइ सभसँ नीककरियर

मंगल आइ ऊर्जा आ दृढ़ संकल्प सँ भरि दऽ रहल अछि। साहस आ आत्मविश्वास अहाँ मे चरम पर अछि। एहि ऊर्जाक सदुपयोग करू।
आइ सभसँ नीककरियर

मित्र आ सामाजिक नेटवर्क आइ अवसर आनि रहल अछि। मेल-मिलाप बढ़ाउ। नव सम्पर्क भविष्य मे काज आओत।
आइ सभसँ नीककरियर

सोमवार भगवान शिव को समर्पित है — महादेव, जो काल, सृष्टि और संहार के स्वामी हैं। चंद्रमा (सोम) शिव के मस्तक का आभूषण है, और यह दिन चंद्र ऊर्जा की शीतलता और शांति लेकर आता है। भक्त मन की शांति, भावनात्मक उपचार और शुद्धि के लिए सोमवार को शिव की उपासना करते हैं।
पर्व प्रश्नोत्तरी
हिंदू पंचांग में एक चंद्र मास के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष को मिलाकर कुल कितनी तिथियाँ होती हैं?