नागपञ्चमी / बिषहरा पूजा विधि (मिथिला)
नागपञ्चमी मिथिला में बिषहरा (विषहरा) लोक-देवी से गहरा जुड़ाव रखती है। बिषहरा = सर्प-विष हरने वाली देवी। मिट्टी/गोबर से नाग बनाकर पूजा। दूध, दूर्वा, पुष्प अर्पित। अरिपन — नाग डिज़ाइन। श्रावण शुक्ल पञ्चमी। सर्प-दोष निवारण एवं कृषि-रक्षा।
श्रावण शुक्ल पञ्चमी (जुलाई–अगस्त)
प्रातःकाल — नाग पूजा
Puja Samagri (Items Required)
- मिट्टी/गोबर के नाग
- दूध
- दूर्वा, पुष्प
- हल्दी, सिन्दूर
- अरिपन पाउडर (नाग डिज़ाइन)
- घी दीपक, अगरबत्ती
- चावल, फल
Puja Procedure — Steps
नाग अरिपन एवं मूर्ति
नाग डिज़ाइन अरिपन बनाएँ। मिट्टी/गोबर से नाग मूर्तियाँ बनाएँ। पूजा स्थान सजाएँ।
बिषहरा-नाग पूजा
नाग मूर्तियों को दूध, दूर्वा, पुष्प, हल्दी अर्पित। बिषहरा देवी की स्तुति। "ॐ नागदेवताभ्यो नमः"। दीपक जलाएँ।
बिषहरा कथा
बिषहरा (विषहरा) देवी की कथा — सर्प-विष हरने वाली। लोक-परम्परा में सर्प रक्षा। मैथिली शैली में कथा श्रवण।
प्रसाद एवं कृषि प्रार्थना
प्रसाद बाँटें। कृषि-रक्षा हेतु नाग देवता से प्रार्थना — सर्प खेतों की रक्षा करें। सर्प-दोष निवारण।
Main Mantra
ॐ नागदेवताभ्यो नमः । बिषहरा माई की जय । ॐ अनन्ताय नमः ।
Benefits of this Puja
नाग देवता-बिषहरा कृपा, सर्प-दोष निवारण, कृषि रक्षा, विष-भय निवारण, मिथिला लोक-परम्परा।
Important Notes
बेर-बेर पुछल जाएबला प्रश्न
नागपञ्चमी / बिषहरा पूजा विधि (मिथिला) कहिया कएल जाइत अछि आ शुभ मुहूर्त की अछि?
श्रावण शुक्ल पञ्चमी (जुलाई–अगस्त) — प्रातःकाल — नाग पूजा
नागपञ्चमी / बिषहरा पूजा विधि (मिथिला) लेल कोन पूजा सामग्री चाही?
मिट्टी/गोबर के नाग, दूध, दूर्वा, पुष्प, हल्दी, सिन्दूर, अरिपन पाउडर (नाग डिज़ाइन), घी दीपक, अगरबत्ती, चावल, फल
नागपञ्चमी / बिषहरा पूजा विधि (मिथिला) मे कोन मंत्र जपल जाइत अछि?
ॐ नागदेवताभ्यो नमः । बिषहरा माई की जय । ॐ अनन्ताय नमः ।
नागपञ्चमी / बिषहरा पूजा विधि (मिथिला) करबा सँ की लाभ भेटैत अछि?
नाग देवता-बिषहरा कृपा, सर्प-दोष निवारण, कृषि रक्षा, विष-भय निवारण, मिथिला लोक-परम्परा।