घोघो — नाग पंचमी पूजा विधि (सिंधी)
घोघो सिंधी हिंदुओं की नाग पंचमी है — सर्प देवता की दूध से पूजा और विशेष तले हुए पकवान बनाने की परंपरा है। सिंधी में नाग को "घोघो" कहते हैं। इस दिन सांपों को दूध पिलाया जाता है और उनकी मिट्टी की मूर्ति बनाकर पूजा की जाती है।
श्रावण शुक्ल पंचमी (जुलाई-अगस्त)
प्रातःकाल — नाग पूजा
Puja Samagri (Items Required)
- मिट्टी का नाग
- दूध
- तले हुए पकवान
- हल्दी, सिंदूर, अक्षत
- पुष्प, दीपक
Puja Procedure — Steps
मिट्टी का नाग बनाना
सुबह मिट्टी से नाग (घोघो) की मूर्ति बनाएं या बाजार से लाएं। घर के दरवाजे या पूजा स्थल पर रखें। हल्दी-सिंदूर लगाएं।
दूध अर्पण
नाग देवता को दूध अर्पित करें। "ओम नागाय नमः" जाप करें। अक्षत (चावल) और पुष्प चढ़ाएं।
तले पकवान
घोघो (नाग पंचमी) पर विशेष तले हुए पकवान (पकोड़े, भजिया, मिर्ची वड़ा) बनाएं। ये नाग देवता को अर्पित किए जाते हैं।
पलव & प्रसाद
नाग देवता के सामने पलव करें — सर्प भय से रक्षा की प्रार्थना। तले पकवान का प्रसाद बांटें।
Main Mantra
ओम नागाय नमः । नाग देवता रक्षा करो, घोघो जी पार करो ।
Benefits of this Puja
सर्प भय निवारण, काल सर्प दोष शांति, नाग देवता कृपा।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
घोघो — नाग पंचमी पूजा विधि (सिंधी) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
श्रावण शुक्ल पंचमी (जुलाई-अगस्त) — प्रातःकाल — नाग पूजा
घोघो — नाग पंचमी पूजा विधि (सिंधी) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
मिट्टी का नाग, दूध, तले हुए पकवान, हल्दी, सिंदूर, अक्षत, पुष्प, दीपक
घोघो — नाग पंचमी पूजा विधि (सिंधी) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ओम नागाय नमः । नाग देवता रक्षा करो, घोघो जी पार करो ।
घोघो — नाग पंचमी पूजा विधि (सिंधी) करने से क्या लाभ मिलते हैं?
सर्प भय निवारण, काल सर्प दोष शांति, नाग देवता कृपा।