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सूर्य देव, कौवा (शनि वाहन)
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घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली

Last updated: 14 June 2026

घुघुतिया गढ़वाल-कुमाऊं को सबसे प्यारो बच्चों का त्योहार छ — मकर संक्रान्ति (जनवरी) मा मनाई जान्दो छ। घुघुत (आटे-गुड़ से बणे आकार — तलवार, ढाल, डमरू, अनार) की माला बणाई कै बच्चे गले मा पहनदन अर सबेरे कौवों कू बुलांदन: "काले कौवा काले, घुघुती माला खाले!" कौवा आई कै खान्दो छ — ये शुभ संकेत माना जान्दो छ।

Occasion

मकर संक्रान्ति (14-15 जनवरी)

Muhurat

मकर संक्रान्ति प्रातःकाल

Puja Samagri (Items Required)

  • गेहूं का आटा
  • गुड़ (शक्कर नहीं)
  • घी (तलन कू)
  • सूत का धागा (माला बणान कू)
  • तिल-गुड़ (संक्रान्ति कू)
  • फूल, रोली, अक्षत
  • दीपक, अगरबत्ती

Puja Procedure — Steps

Step 1

घुघुत बणाना

मकर संक्रान्ति की पहली रात गेहूं के आटे मा गुड़ मिलाकै आटा गूंधो। विभिन्न आकार बणाओ — तलवार, ढाल, डमरू, अनार, चिड़िया, सांप, फूल। घी मा तलो — सुनहरे होने तक। बच्चे भी बणान मा मदद करदन।

Step 2

माला बणाना

तले हुए घुघुत कू सूत के धागे मा पिरोई कै माला बणाओ। बीच-बीच मा संतरा, मूंगफली भी डालो। ये माला बच्चों के गले मा पहनाओ। हर बच्चा कू अपणी माला मिलणी चाहिए।

Step 3

कौवा बुलाना

सबेरे-सबेरे बच्चे छत या आंगन मा जांदन, माला पहनकै। ज़ोर से गीत गांदन: "काले कौवा काले, घुघुती माला खाले! लै कौवा बड़, मैकें दिजा सुनक लड़!" अर घुघुत तोड़कै छत मा रखदन। कौवा आई कै खान्दो छ।

Step 4

सूर्य पूजा अर संक्रान्ति स्नान

सूर्योदय के समय सूर्य देव कू जल अर्पित करो। तिल-गुड़ खाओ अर बांटो — "तिल-गुड़ घ्या अर मीठ-मीठ बोल्या।" नदी या कुंड मा स्नान करो।

Step 5

भोज अर दान

घर मा विशेष पकवान बणाओ — खिचड़ी, पूड़ी, हलवा। पड़ोसियों कू तिल-गुड़ बांटो। ज़रूरतमंदों कू दान दियो — अनाज, कपड़े, कंबल। ये दान-पुण्य को दिन छ।

Main Mantra

ॐ सूर्याय नमः।
काले कौवा काले, घुघुती माला खाले!
लै कौवा बड़, मैकें दिजा सुनक लड़!
तिल-गुड़ घ्या अर मीठ-मीठ बोल्या।

Benefits of this Puja

घुघुतिया से बच्चों मा संस्कार, सूर्य देव का आशीर्वाद, प्रकृति (कौवे) से जुड़ाव, परिवार मा खुशी अर दान-पुण्य को लाभ हूंदो छ। ये गढ़वाल-कुमाऊं की पहचान छ।

Important Notes

• घुघुत आटे-गुड़ से ई बणाओ — शक्कर या मैदा मत वर्तो। • बच्चों कू ज़रूर माला पहनाओ — ये उँकी खुशी छ। • कौवा ना आवे तो निराश मत होओ — कुछ देर इंतज़ार करो। • तिल-गुड़ ज़रूर खाओ अर बांटो। • प्लास्टिक माला मत वर्तो — सूत को धागो ई वर्तो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?

मकर संक्रान्ति (14-15 जनवरी) — मकर संक्रान्ति प्रातःकाल

घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

गेहूं का आटा, गुड़ (शक्कर नहीं), घी (तलन कू), सूत का धागा (माला बणान कू), तिल-गुड़ (संक्रान्ति कू), फूल, रोली, अक्षत, दीपक, अगरबत्ती

घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?

ॐ सूर्याय नमः। काले कौवा काले, घुघुती माला खाले! लै कौवा बड़, मैकें दिजा सुनक लड़! तिल-गुड़ घ्या अर मीठ-मीठ बोल्या।

घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली करने से क्या लाभ मिलते हैं?

घुघुतिया से बच्चों मा संस्कार, सूर्य देव का आशीर्वाद, प्रकृति (कौवे) से जुड़ाव, परिवार मा खुशी अर दान-पुण्य को लाभ हूंदो छ। ये गढ़वाल-कुमाऊं की पहचान छ।

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