
घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली
घुघुतिया गढ़वाल-कुमाऊं को सबसे प्यारो बच्चों का त्योहार छ — मकर संक्रान्ति (जनवरी) मा मनाई जान्दो छ। घुघुत (आटे-गुड़ से बणे आकार — तलवार, ढाल, डमरू, अनार) की माला बणाई कै बच्चे गले मा पहनदन अर सबेरे कौवों कू बुलांदन: "काले कौवा काले, घुघुती माला खाले!" कौवा आई कै खान्दो छ — ये शुभ संकेत माना जान्दो छ।
मकर संक्रान्ति (14-15 जनवरी)
मकर संक्रान्ति प्रातःकाल
Puja Samagri (Items Required)
- गेहूं का आटा
- गुड़ (शक्कर नहीं)
- घी (तलन कू)
- सूत का धागा (माला बणान कू)
- तिल-गुड़ (संक्रान्ति कू)
- फूल, रोली, अक्षत
- दीपक, अगरबत्ती
Puja Procedure — Steps
घुघुत बणाना
मकर संक्रान्ति की पहली रात गेहूं के आटे मा गुड़ मिलाकै आटा गूंधो। विभिन्न आकार बणाओ — तलवार, ढाल, डमरू, अनार, चिड़िया, सांप, फूल। घी मा तलो — सुनहरे होने तक। बच्चे भी बणान मा मदद करदन।
माला बणाना
तले हुए घुघुत कू सूत के धागे मा पिरोई कै माला बणाओ। बीच-बीच मा संतरा, मूंगफली भी डालो। ये माला बच्चों के गले मा पहनाओ। हर बच्चा कू अपणी माला मिलणी चाहिए।
कौवा बुलाना
सबेरे-सबेरे बच्चे छत या आंगन मा जांदन, माला पहनकै। ज़ोर से गीत गांदन: "काले कौवा काले, घुघुती माला खाले! लै कौवा बड़, मैकें दिजा सुनक लड़!" अर घुघुत तोड़कै छत मा रखदन। कौवा आई कै खान्दो छ।
सूर्य पूजा अर संक्रान्ति स्नान
सूर्योदय के समय सूर्य देव कू जल अर्पित करो। तिल-गुड़ खाओ अर बांटो — "तिल-गुड़ घ्या अर मीठ-मीठ बोल्या।" नदी या कुंड मा स्नान करो।
भोज अर दान
घर मा विशेष पकवान बणाओ — खिचड़ी, पूड़ी, हलवा। पड़ोसियों कू तिल-गुड़ बांटो। ज़रूरतमंदों कू दान दियो — अनाज, कपड़े, कंबल। ये दान-पुण्य को दिन छ।
Main Mantra
ॐ सूर्याय नमः। काले कौवा काले, घुघुती माला खाले! लै कौवा बड़, मैकें दिजा सुनक लड़! तिल-गुड़ घ्या अर मीठ-मीठ बोल्या।
Benefits of this Puja
घुघुतिया से बच्चों मा संस्कार, सूर्य देव का आशीर्वाद, प्रकृति (कौवे) से जुड़ाव, परिवार मा खुशी अर दान-पुण्य को लाभ हूंदो छ। ये गढ़वाल-कुमाऊं की पहचान छ।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
मकर संक्रान्ति (14-15 जनवरी) — मकर संक्रान्ति प्रातःकाल
घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
गेहूं का आटा, गुड़ (शक्कर नहीं), घी (तलन कू), सूत का धागा (माला बणान कू), तिल-गुड़ (संक्रान्ति कू), फूल, रोली, अक्षत, दीपक, अगरबत्ती
घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ॐ सूर्याय नमः। काले कौवा काले, घुघुती माला खाले! लै कौवा बड़, मैकें दिजा सुनक लड़! तिल-गुड़ घ्या अर मीठ-मीठ बोल्या।
घुघुतिया (मकर संक्रान्ति) विधि — गढ़वाली करने से क्या लाभ मिलते हैं?
घुघुतिया से बच्चों मा संस्कार, सूर्य देव का आशीर्वाद, प्रकृति (कौवे) से जुड़ाव, परिवार मा खुशी अर दान-पुण्य को लाभ हूंदो छ। ये गढ़वाल-कुमाऊं की पहचान छ।