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भगवान राम / ब्रह्मा (सृष्टि)
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गुढी पाडवा पूजा विधि (कोंकणी — राम विजय ध्वज)

Last updated: 14 June 2026

गुढी पाडवा कोंकणी (गोवा-कर्नाटक तट) समुदाय का महत्त्वपूर्ण उत्सव है — चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। "गुढी" = बाँस के डण्डे पर उल्टा ताँबे/पीतल का कलश + रेशमी कपड़ा + गेंदा-आम पत्ते + चीनी की माला — घर के बाहर ऊँचाई पर लगाया जाता है। यह राम की लंका-विजय, ब्रह्मा की सृष्टि-रचना, एवं शालिवाहन शक सम्वत्सर के प्रतीक है।

Occasion

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च–अप्रैल)

Muhurat

प्रातःकाल — गुढी उत्थापन (सूर्योदय)

Puja Samagri (Items Required)

  • बाँस का डण्डा (लम्बा)
  • ताँबे/पीतल का कलश (उल्टा)
  • रेशमी/नया कपड़ा (केसरी/पीला)
  • गेंदा पुष्प, आम-पल्लव, नीम पत्ते
  • चीनी/बताशे की माला
  • पंचकज्जय, श्रीखण्ड/पूरनपोळी

Puja Procedure — Steps

Step 1

प्रातः स्नान एवं गृह सज्जा

सूर्योदय से पूर्व तेल-अभ्यङ्ग स्नान। नव वस्त्र पहनें। घर के द्वार पर आम-पल्लव तोरण। रंगोली बनाएँ।

Step 2

गुढी स्थापन

लम्बे बाँस के डण्डे पर केसरी/पीला रेशमी कपड़ा बाँधें। गेंदा पुष्पमाला, आम-पल्लव, नीम पत्ते, चीनी/बताशे की माला लगाएँ। ऊपर ताँबे/पीतल का कलश उल्टा रखें। गुढी को घर की खिड़की/छत पर ऊँचाई पर लगाएँ — "विजय ध्वज।"

Step 3

पूजा एवं पंचाङ्ग श्रवण

गुढी के समक्ष पूजा — हल्दी-कुमकुम, पुष्प अर्पित करें। "ॐ श्री रामाय नमः" जपें। नव वर्ष पंचाङ्ग पढ़ें — वर्ष-भविष्यवाणी। ब्रह्मा की सृष्टि-रचना का स्मरण।

Step 4

नैवेद्य — श्रीखण्ड/पूरनपोळी

पंचकज्जय, श्रीखण्ड (मीठा दही), पूरनपोळी (मीठी रोटी), नारियल-गुड़ मिठाई बनाएँ। नैवेद्य अर्पित करें। परिवार-मित्रों के साथ भोजन। बड़ों को प्रणाम — नव वर्ष शुभकामनाएँ।

Main Mantra

ॐ श्री रामाय नमः ।

ॐ ब्रह्मणे नमः ।

शुभस्य शीघ्रम् — अशुभस्य कालहरणम् ।

Benefits of this Puja

गुढी पाडवा से राम/ब्रह्मा की कृपा, नव वर्ष शुभारम्भ, विजय-ध्वज = सभी कार्यों में सफलता, कोंकणी पहचान।

Important Notes

• गुढी = बाँस + कलश + कपड़ा + पुष्प + चीनी माला — ऊँचाई पर। • कलश = उल्टा — विजय का प्रतीक। • बेवु-बेल्ला = उगादी परम्परा — गुढी पाडवा में भी। • पंचाङ्ग श्रवण = नव वर्ष भविष्यवाणी। • श्रीखण्ड/पूरनपोळी = विशेष पकवान।

सदांच विचारिल्ले प्रस्न

गुढी पाडवा पूजा विधि (कोंकणी — राम विजय ध्वज) केन्ना करतात आनी शुभ मुहूर्त खंयचो?

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च–अप्रैल) — प्रातःकाल — गुढी उत्थापन (सूर्योदय)

गुढी पाडवा पूजा विधि (कोंकणी — राम विजय ध्वज) खातीर खंयची पूजा सामग्री जाय?

बाँस का डण्डा (लम्बा), ताँबे/पीतल का कलश (उल्टा), रेशमी/नया कपड़ा (केसरी/पीला), गेंदा पुष्प, आम-पल्लव, नीम पत्ते, चीनी/बताशे की माला, पंचकज्जय, श्रीखण्ड/पूरनपोळी

गुढी पाडवा पूजा विधि (कोंकणी — राम विजय ध्वज)ंत खंयचो मंत्र जपतात?

ॐ श्री रामाय नमः । ॐ ब्रह्मणे नमः । शुभस्य शीघ्रम् — अशुभस्य कालहरणम् ।

गुढी पाडवा पूजा विधि (कोंकणी — राम विजय ध्वज) केल्यान खंयचे लाभ मेळटात?

गुढी पाडवा से राम/ब्रह्मा की कृपा, नव वर्ष शुभारम्भ, विजय-ध्वज = सभी कार्यों में सफलता, कोंकणी पहचान।

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