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सूर्य देव, विष्णु भगवान
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बिखोती (गढ़वाली नव वर्ष) विधि

Last updated: 14 June 2026

बिखोती गढ़वाल को नव वर्ष छ — मेष संक्रान्ति (बैसाख प्रथम दिन, अप्रैल) मा मनाई जान्दो छ। ये दिन सूर्य मेष राशि मा प्रवेश करदो छ अर गढ़वाल मा नया साल शुरू हूंदो छ। कौथिग (मेले) लगदन, नदियों मा स्नान हूंदो छ, नए कपड़े पहनी जान्दन अर विशेष पकवान बणाई जान्दन। ये प्रकृति, सूर्य अर नई शुरुआत को त्योहार छ।

Occasion

मेष संक्रान्ति (अप्रैल मध्य)

Muhurat

सूर्योदय, मेष संक्रान्ति दिन

Puja Samagri (Items Required)

  • गंगाजल या नदी का जल
  • नए वस्त्र
  • फूल-माला (बुरांश, फ्योंली)
  • तिल-गुड़
  • घी का दीपक
  • अक्षत, रोली, हल्दी
  • विशेष पकवान (पूड़ी, हलवा, पकौड़ी)
  • नारियल, फल

Puja Procedure — Steps

Step 1

प्रातः स्नान

बिखोती के दिन सबेरे नदी या गंगा मा स्नान करो। यदि नदी दूर छ तो घरै गंगाजल मिलाई कै स्नान करो। नए कपड़े पहनो। ये नए साल की शुद्ध शुरुआत छ।

Step 2

सूर्य पूजा

सूर्योदय के समय सूर्य देव कू जल अर्पित करो — तांबे के लोटे से। "ॐ सूर्याय नमः" मंत्र बोलो। सूर्य देव मेष राशि मा प्रवेश करदा छ — ये नव वर्ष को शुभारम्भ छ।

Step 3

घर की पूजा

घर मा मंदिर कू सजाओ — फूल, माला, रोली, अक्षत लगाओ। घी को दीपक जलाओ। कुलदेवता अर इष्टदेवता की पूजा करो। नैवेद्य मा तिल-गुड़, नारियल, फल चढ़ाओ।

Step 4

कौथिग

बिखोती मा गांव अर कस्बे मा कौथिग (मेला) लगदो छ। झूले, खिलौने, मिठाई की दुकानें हूंदी छन। लोग एक-दूसरे कू "नया साल मुबारक" बोलदन। गढ़वाली लोक गीत अर नृत्य हूंदा छ।

Step 5

विशेष भोज

घर मा विशेष पकवान बणाओ — पूड़ी, हलवा, पकौड़ी, सिंगल (बिछू घास का साग), भांग की चटनी। पड़ोसियों अर रिश्तेदारों कू बुलाओ अर साथ मा भोजन करो।

Main Mantra

ॐ सूर्याय नमः। ॐ आदित्याय नमः।
नया साल, नई आशा, नई शुरुआत।
मेष संक्रान्ति मा सूर्य देव की जय हो,
गढ़वाल कू सुख-समृद्धि मिले।

Benefits of this Puja

बिखोती से नए साल की शुभ शुरुआत, सूर्य देव का आशीर्वाद, प्रकृति से जुड़ाव, सामाजिक एकता अर पारिवारिक खुशी हूंदी छ।

Important Notes

• बिखोती मा नदी स्नान सबसे शुभ छ — ज़रूर करो। • नए कपड़े पहनो — पुराने कपड़ा मा नया साल मत मनाओ। • बड़ों के पैर छुओ अर आशीर्वाद लेओ। • कौथिग मा ज़रूर जाओ — ये गढ़वाली संस्कृति को हिस्सा छ। • विशेष गढ़वाली पकवान ज़रूर बणाओ।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिखोती (गढ़वाली नव वर्ष) विधि कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?

मेष संक्रान्ति (अप्रैल मध्य) — सूर्योदय, मेष संक्रान्ति दिन

बिखोती (गढ़वाली नव वर्ष) विधि के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

गंगाजल या नदी का जल, नए वस्त्र, फूल-माला (बुरांश, फ्योंली), तिल-गुड़, घी का दीपक, अक्षत, रोली, हल्दी, विशेष पकवान (पूड़ी, हलवा, पकौड़ी), नारियल, फल

बिखोती (गढ़वाली नव वर्ष) विधि में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?

ॐ सूर्याय नमः। ॐ आदित्याय नमः। नया साल, नई आशा, नई शुरुआत। मेष संक्रान्ति मा सूर्य देव की जय हो, गढ़वाल कू सुख-समृद्धि मिले।

बिखोती (गढ़वाली नव वर्ष) विधि करने से क्या लाभ मिलते हैं?

बिखोती से नए साल की शुभ शुरुआत, सूर्य देव का आशीर्वाद, प्रकृति से जुड़ाव, सामाजिक एकता अर पारिवारिक खुशी हूंदी छ।

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