जुड़ शीतल विधि (मैथिली नव वर्ष — 14 अप्रैल)
जुड़ शीतल मैथिली नव वर्ष है — 14 अप्रैल (वैशाख 1) को मनाया जाता है। "जल-कलश दान" (ब्राह्मणों को जल कलश), "बड़ी-भात" (पूर्व दिन बना, ठण्डा खाया जाने वाला)। जुड़ शीतल के दिन आग नहीं जलाते — सब ठण्डा खाते हैं। घर अरिपन से सजाते हैं। "शीतल" = ठण्डा। मिथिला (दरभंगा, मधुबनी, सहरसा) विशेष।
वैशाख कृष्ण प्रतिपदा — 14 अप्रैल (मैथिली नव वर्ष)
प्रातःकाल — जल-कलश दान; भोजन = बड़ी-भात (ठण्डा)
Puja Samagri (Items Required)
- जल-कलश (मिट्टी के घड़े)
- बड़ी-भात सामग्री (पूर्व दिन पका चावल, बड़ी/वड़ी)
- अरिपन पाउडर
- आम के पत्ते
- हल्दी, पुष्प, फल
- पान-सुपारी
- दही, सत्तू
Puja Procedure — Steps
पूर्व-सन्ध्या तैयारी
जुड़ शीतल से पहले सन्ध्या को चावल एवं बड़ी पकाएँ — अगले दिन ठण्डा खाएँगे। द्वार पर अरिपन। आम पत्तों से सजाएँ। घर साफ़ करें।
जल-कलश दान
प्रातः मिट्टी के घड़ों में जल भरकर ब्राह्मणों/पड़ोसियों को दान — "धरती शीतल करने" का प्रतीक। "नव संवत्सर मंगलम्"।
बड़ी-भात भोजन
पूर्व रात्रि का ठण्डा चावल + बड़ी/दही/सत्तू — आग नहीं जलाना! परिवार साथ भोजन। दही-चूड़ा भी।
नव वर्ष मंगलाचरण
बड़ों के चरण स्पर्श — आशीर्वाद। शुभकामनाएँ। मन्दिर दर्शन। "चित्रगुप्त एवं सूर्य देव" को नमन।
Main Mantra
ॐ चित्रगुप्ताय नमः । नव संवत्सर मंगलम् । ॐ सूर्याय नमः ।
Benefits of this Puja
मैथिली नव वर्ष शुभारम्भ, बड़ों का आशीर्वाद, शीतलता-शान्ति, पारिवारिक एकता, मिथिला पहचान।
Important Notes
बेर-बेर पुछल जाएबला प्रश्न
जुड़ शीतल विधि (मैथिली नव वर्ष — 14 अप्रैल) कहिया कएल जाइत अछि आ शुभ मुहूर्त की अछि?
वैशाख कृष्ण प्रतिपदा — 14 अप्रैल (मैथिली नव वर्ष) — प्रातःकाल — जल-कलश दान; भोजन = बड़ी-भात (ठण्डा)
जुड़ शीतल विधि (मैथिली नव वर्ष — 14 अप्रैल) लेल कोन पूजा सामग्री चाही?
जल-कलश (मिट्टी के घड़े), बड़ी-भात सामग्री (पूर्व दिन पका चावल, बड़ी/वड़ी), अरिपन पाउडर, आम के पत्ते, हल्दी, पुष्प, फल, पान-सुपारी, दही, सत्तू
जुड़ शीतल विधि (मैथिली नव वर्ष — 14 अप्रैल) मे कोन मंत्र जपल जाइत अछि?
ॐ चित्रगुप्ताय नमः । नव संवत्सर मंगलम् । ॐ सूर्याय नमः ।
जुड़ शीतल विधि (मैथिली नव वर्ष — 14 अप्रैल) करबा सँ की लाभ भेटैत अछि?
मैथिली नव वर्ष शुभारम्भ, बड़ों का आशीर्वाद, शीतलता-शान्ति, पारिवारिक एकता, मिथिला पहचान।