
दीवाली & धनतेरस — चोपड़ा पूजन विधि (सिंधी)
दीवाली और धनतेरस सिंधी व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा त्यौहार है। "चोपड़ा पूजन" (बही-खातों की पूजा) सिंधी बिज़नेसमैन की विशेष परंपरा है — नए हिसाब-किताब शुरू किए जाते हैं। "अखंड दीवा" (अखंड दीपक) जलाना शुभ माना जाता है।
कार्तिक — धनतेरस (त्रयोदशी) + दीवाली (अमावस्या)
सायंकाल — लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
Puja Samagri (Items Required)
- चोपड़ा
- लक्ष्मी-गणेश मूर्ति
- अखंड दीवा
- सिक्के, चांदी, सोना
- मिठाई, फल, पुष्प
Puja Procedure — Steps
धनतेरस — खरीदारी
धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन खरीदें। धनवंतरि भगवान की पूजा करें। यमराज के लिए दीपक जलाएं (दक्षिण दिशा में)।
चोपड़ा पूजन
दीवाली पर नए बही-खाते (चोपड़ा) पर "श्री" या स्वस्तिक लिखें। लक्ष्मी-गणेश की पूजा करें। बही-खातों पर सिंदूर-हल्दी लगाएं, अक्षत-पुष्प चढ़ाएं। "ओम श्री लक्ष्मी गणेशाभ्यां नमः" जाप करें।
अखंड दीवा & लक्ष्मी पूजा
अखंड दीवा (दीपक) जलाएं — पूरी रात बुझना नहीं चाहिए। लक्ष्मी जी का आह्वान करें। सिक्के, रुपयों पर पुष्प-अक्षत रखें। दीपावली आरती गाएं।
पटाखे, मिठाई & पलव
परिवार के साथ पटाखे जलाएं। मिठाई बांटें — पड़ोसी, रिश्तेदारों को। पलव करें — लक्ष्मी-गणेश से समृद्धि की प्रार्थना।
Main Mantra
ओम श्री महालक्ष्म्यै नमः । ओम गं गणपतये नमः । दीपावली मंगलमय हो!
Benefits of this Puja
धन-समृद्धि, व्यापार वृद्धि, लक्ष्मी कृपा, परिवार में खुशी।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दीवाली & धनतेरस — चोपड़ा पूजन विधि (सिंधी) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
कार्तिक — धनतेरस (त्रयोदशी) + दीवाली (अमावस्या) — सायंकाल — लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
दीवाली & धनतेरस — चोपड़ा पूजन विधि (सिंधी) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
चोपड़ा, लक्ष्मी-गणेश मूर्ति, अखंड दीवा, सिक्के, चांदी, सोना, मिठाई, फल, पुष्प
दीवाली & धनतेरस — चोपड़ा पूजन विधि (सिंधी) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ओम श्री महालक्ष्म्यै नमः । ओम गं गणपतये नमः । दीपावली मंगलमय हो!
दीवाली & धनतेरस — चोपड़ा पूजन विधि (सिंधी) करने से क्या लाभ मिलते हैं?
धन-समृद्धि, व्यापार वृद्धि, लक्ष्मी कृपा, परिवार में खुशी।