Skip to content
← Pooja Vidhi
भगवान शिव (पहाड़ी मंदिर)
भगवान शिव (पहाड़ी मंदिर)

श्रावण सोमवार विधि — गढ़वाली

Last updated: 14 June 2026

श्रावण सोमवार गढ़वाल मा बहुत विशेष छ — क्योंकि गढ़वाल भगवान शिव की भूमि छ अर पहाड़ों मा अनगिनत शिव मंदिर छन। श्रावण मास (जुलाई-अगस्त) के हर सोमवार कू शिव मंदिरों मा विशेष पूजा हूंदी छ — केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, कल्पेश्वर, मदमहेश्वर। शिवलिंग मा दूध-जल अभिषेक, बेलपत्र अर्पण अर ढोल-दमाऊ संग भजन गाई जान्दन।

Occasion

श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार (जुलाई-अगस्त)

Muhurat

प्रातःकाल, प्रदोषकाल (शाम)

Puja Samagri (Items Required)

  • बेलपत्र (ताज़ा)
  • दूध, गंगाजल
  • भांग (शिव भोग)
  • धतूरा, आक के फूल
  • रुद्राक्ष माला
  • भस्म (विभूति)
  • घी का दीपक
  • कपूर, धूप, अगरबत्ती

Puja Procedure — Steps

Step 1

प्रातः स्नान अर व्रत

सोमवार कू सबेरे नदी या गंगा मा स्नान करो। श्रावण सोमवार को व्रत रखो — फलाहार या एक समय भोजन। श्वेत या भस्मी वस्त्र पहनो। "ॐ नमः शिवाय" को जाप शुरू करो।

Step 2

शिव मंदिर दर्शन

गढ़वाल के नज़दीकी शिव मंदिर जाओ — केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, कल्पेश्वर, या कोई भी स्थानीय शिव मंदिर। शिवलिंग कू दूध अर गंगाजल से अभिषेक करो। बेलपत्र, धतूरा, आक चढ़ाओ।

Step 3

रुद्राभिषेक

पंडित जी से रुद्राभिषेक कराओ — "ॐ नमः शिवाय" अर रुद्राष्टाध्यायी को पाठ। शिवलिंग मा जल, दूध, दही, घी, शहद से एक-एक करी कै अभिषेक। ये सबसे उत्तम पूजा छ।

Step 4

भजन-कीर्तन

ढोल-दमाऊ संग शिव भजन गाओ: "बम बम भोले", "शिव शम्भू बम बम भोले"। गढ़वाली शैली के शिव भजन गाओ। रुद्राक्ष माला से "ॐ नमः शिवाय" को 108 बार जाप करो।

Step 5

प्रसाद अर पारण

शाम कू शिव जी की आरती करो। भांग की ठंडाई, फल, पंजीरी, बेल फल को प्रसाद बांटो। व्रत को पारण करो। श्रावण मा हर सोमवार ये करो — चार या पांच सोमवार।

Main Mantra

ॐ नमः शिवाय।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।

गढ़वाल के पहाड़ मा शिव बसदन,
श्रावण को सोमवार, शिव को दिन,
बम बम भोले, केदारनाथ भोले!

Benefits of this Puja

श्रावण सोमवार से भगवान शिव की विशेष कृपा, मनोकामना पूर्ति, रोग-नाश, विवाह बाधा दूर अर गढ़वाल की शिव-भक्ति परम्परा को संरक्षण हूंदो छ।

Important Notes

• व्रत ज़रूर रखो — फलाहार या निर्जला। • बेलपत्र ज़रूर चढ़ाओ — शिव जी कू सबसे प्रिय छ। • चार या पांच सोमवार पूरे करो — बीच मा मत छोड़ो। • गंगाजल से अभिषेक सबसे शुभ छ। • भांग केवल प्रसाद रूप मा — नशे कू ना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावण सोमवार विधि — गढ़वाली कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?

श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार (जुलाई-अगस्त) — प्रातःकाल, प्रदोषकाल (शाम)

श्रावण सोमवार विधि — गढ़वाली के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

बेलपत्र (ताज़ा), दूध, गंगाजल, भांग (शिव भोग), धतूरा, आक के फूल, रुद्राक्ष माला, भस्म (विभूति), घी का दीपक, कपूर, धूप, अगरबत्ती

श्रावण सोमवार विधि — गढ़वाली में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?

ॐ नमः शिवाय। ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्। गढ़वाल के पहाड़ मा शिव बसदन, श्रावण को सोमवार, शिव को दिन, बम बम भोले, केदारनाथ भोले!

श्रावण सोमवार विधि — गढ़वाली करने से क्या लाभ मिलते हैं?

श्रावण सोमवार से भगवान शिव की विशेष कृपा, मनोकामना पूर्ति, रोग-नाश, विवाह बाधा दूर अर गढ़वाल की शिव-भक्ति परम्परा को संरक्षण हूंदो छ।

What to do next

← View all Pooja Vidhis

Recently Accessed

Home

Premium Tools

View All →

Trending Topics

Continue Your Spiritual Journey

Explore related Hindu wisdom, daily guidance, and AI-powered answers on VedKosh.

Independently reviewed for authenticity. Please verify meanings and rituals yourself before following. Not medical, legal or financial advice.

श्रावण सोमवार विधि — गढ़वाली — Complete Guide | VedKosh