
सग्रा — सावन सोमवार व्रत विधि (सिंधी)
सग्रा सिंधी हिंदू महिलाओं का व्रत है — सावन (श्रावण) के चार सोमवार को पति की दीर्घायु के लिए पवित्र धागा (सग्रा) बांधा जाता है। "सग्रा" (धागा) शिव-पार्वती की पूजा के बाद कलाई या गले में बांधा जाता है। यह सुहागन स्त्रियों का विशेष व्रत है।
सावन (श्रावण) के चार सोमवार (जुलाई-अगस्त)
प्रातःकाल — सोमवार
Puja Samagri (Items Required)
- सग्रा
- शिवलिंग/शिव-पार्वती मूर्ति
- बिल्व पत्र, दूध, जल
- हल्दी, सिंदूर, चूड़ियां
- फल, मिठाई, पुष्प
Puja Procedure — Steps
सोमवार व्रत
सावन के चार सोमवार को व्रत रखें। फलाहार या एक समय भोजन करें। "ओम नमः शिवाय" जाप करें।
शिव-पार्वती पूजा
शिवलिंग पर दूध-जल-बिल्वपत्र अर्पित करें। पार्वती माता की पूजा करें। पति की दीर्घायु व सौभाग्य की प्रार्थना।
सग्रा बांधना
पवित्र धागे (सग्रे) पर हल्दी-सिंदूर लगाएं। "ओम नमः शिवाय" बोलते हुए कलाई या गले में बांधें। यह पति की दीर्घायु का प्रतीक है।
प्रसाद & पलव
फल-मिठाई का प्रसाद बांटें। पलव करें — शिव-पार्वती से पति-पत्नी के अटूट बंधन की प्रार्थना। चौथे सोमवार को विशेष पूजा।
Main Mantra
ओम नमः शिवाय । सावन के सोमवार, शिव-पार्वती सदा सुखकार । हर हर महादेव!
Benefits of this Puja
पति की दीर्घायु, दांपत्य सुख, शिव-पार्वती कृपा, सौभाग्य।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सग्रा — सावन सोमवार व्रत विधि (सिंधी) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
सावन (श्रावण) के चार सोमवार (जुलाई-अगस्त) — प्रातःकाल — सोमवार
सग्रा — सावन सोमवार व्रत विधि (सिंधी) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
सग्रा, शिवलिंग/शिव-पार्वती मूर्ति, बिल्व पत्र, दूध, जल, हल्दी, सिंदूर, चूड़ियां, फल, मिठाई, पुष्प
सग्रा — सावन सोमवार व्रत विधि (सिंधी) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ओम नमः शिवाय । सावन के सोमवार, शिव-पार्वती सदा सुखकार । हर हर महादेव!
सग्रा — सावन सोमवार व्रत विधि (सिंधी) करने से क्या लाभ मिलते हैं?
पति की दीर्घायु, दांपत्य सुख, शिव-पार्वती कृपा, सौभाग्य।