
नाग नथैया बिधि
नाग नथैया कार्तिक शुक्ल एकादशी के वाराणसी (बनारस) बेल्ट के खास पर्व बा। ई दिन भगवान कृष्ण के कालिया नाग पर विजय के याद में गंगा/तालाब में "नाग नथैया" (कृष्ण-कालिया नृत्य) के जीवंत प्रस्तुतिकरण होखेला। कलाकार लोग पानी में कृष्ण-कालिया के नृत्य करेले — ई बनारस के अनूठा सांस्कृतिक पर्व बा।
कार्तिक शुक्ल एकादशी (नवंबर)
दोपहर — गंगा/तालाब में प्रस्तुति
Puja Samagri (Items Required)
- कृष्ण वेशभूषा
- कालिया नाग वेशभूषा
- नाव / मंच (पानी में)
- फूल, माला
- ढोल-नगाड़ा
Puja Procedure — Steps
तालाब/नदी प्रस्तुतिकरण
कलाकार कृष्ण आ कालिया नाग के वेश में पानी में नृत्य करेले। कृष्ण कालिया नाग के फन पर चढ़ के नाचेले — ई दृश्य बहुत रोमांचक बा।
कृष्ण पूजा
कृष्ण भगवान के पूजा करीं। "हरे कृष्ण" कीर्तन करीं। तुलसी, माखन-मिश्री चढ़ाईं।
घाट पर उत्सव
घाट पर भजन-कीर्तन, लोक नृत्य, प्रसाद वितरण होखेला। हजारों लोग एकत्र होखेले।
Main Mantra
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे। कालिया नाग के नाथ लिहलन कन्हैया!
Benefits of this Puja
नाग नथैया से सर्पभय दूर होला, कृष्ण के कृपा मिलेला, सांस्कृतिक परंपरा जिंदा रहेला आ आत्मिक आनंद मिलेला।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नाग नथैया बिधि कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
कार्तिक शुक्ल एकादशी (नवंबर) — दोपहर — गंगा/तालाब में प्रस्तुति
नाग नथैया बिधि के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
कृष्ण वेशभूषा, कालिया नाग वेशभूषा, नाव / मंच (पानी में), फूल, माला, ढोल-नगाड़ा
नाग नथैया बिधि में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे। कालिया नाग के नाथ लिहलन कन्हैया!
नाग नथैया बिधि करने से क्या लाभ मिलते हैं?
नाग नथैया से सर्पभय दूर होला, कृष्ण के कृपा मिलेला, सांस्कृतिक परंपरा जिंदा रहेला आ आत्मिक आनंद मिलेला।