
काली पूजा / निशा पूजा विधि (मिथिला — मध्यरात्रि अनुष्ठान)
काली पूजा (निशा पूजा) — दीपावली रात्रि में माँ काली की मध्यरात्रि पूजा। मिथिला में "निशा पूजा" = अँधेरी रात में काली माँ का आह्वान — तान्त्रिक विधि। लाल पुष्प, लाल वस्त्र, गुड़-बताशा, नारियल अर्पित। अरिपन — काली माँ डिज़ाइन। दरभंगा, मधुबनी में विशेष।
कार्तिक अमावस्या — दीपावली रात्रि (अक्टूबर–नवम्बर)
मध्यरात्रि — निशा पूजा मुहूर्त
Puja Samagri (Items Required)
- काली माँ मूर्ति/चित्र
- लाल पुष्प, लाल वस्त्र
- गुड़-बताशा
- नारियल, नींबू
- सरसों तेल दीपक
- अगरबत्ती, कपूर
- अरिपन पाउडर
Puja Procedure — Steps
निशा पूजा तैयारी
मध्यरात्रि से पहले काली माँ मूर्ति/चित्र स्थापित। लाल वस्त्र बिछाएँ। अरिपन — काली माँ डिज़ाइन। सरसों तेल दीपक जलाएँ।
मध्यरात्रि काली पूजा
मध्यरात्रि — काली माँ का आह्वान। लाल पुष्प, गुड़-बताशा, नारियल अर्पित। "ॐ कालिकायै नमः"। कपूर आरती।
काली कवच/स्तोत्र
काली कवच या महाकाली स्तोत्र पाठ — रक्षा एवं शक्ति हेतु। मिथिला में तान्त्रिक परम्परा का अनुसरण।
प्रसाद
गुड़-बताशा, नारियल प्रसाद बाँटें। प्रातः — लक्ष्मी पूजा (दीपावली)। "जय माँ काली!"
Main Mantra
ॐ कालिकायै नमः । ॐ क्रीं कालिकायै नमः । जय माँ काली, जय माँ काली ।
Benefits of this Puja
माँ काली रक्षा-शक्ति, बुराई-नाश, तान्त्रिक सिद्धि, भय निवारण, मिथिला निशा पूजा परम्परा।
Important Notes
बेर-बेर पुछल जाएबला प्रश्न
काली पूजा / निशा पूजा विधि (मिथिला — मध्यरात्रि अनुष्ठान) कहिया कएल जाइत अछि आ शुभ मुहूर्त की अछि?
कार्तिक अमावस्या — दीपावली रात्रि (अक्टूबर–नवम्बर) — मध्यरात्रि — निशा पूजा मुहूर्त
काली पूजा / निशा पूजा विधि (मिथिला — मध्यरात्रि अनुष्ठान) लेल कोन पूजा सामग्री चाही?
काली माँ मूर्ति/चित्र, लाल पुष्प, लाल वस्त्र, गुड़-बताशा, नारियल, नींबू, सरसों तेल दीपक, अगरबत्ती, कपूर, अरिपन पाउडर
काली पूजा / निशा पूजा विधि (मिथिला — मध्यरात्रि अनुष्ठान) मे कोन मंत्र जपल जाइत अछि?
ॐ कालिकायै नमः । ॐ क्रीं कालिकायै नमः । जय माँ काली, जय माँ काली ।
काली पूजा / निशा पूजा विधि (मिथिला — मध्यरात्रि अनुष्ठान) करबा सँ की लाभ भेटैत अछि?
माँ काली रक्षा-शक्ति, बुराई-नाश, तान्त्रिक सिद्धि, भय निवारण, मिथिला निशा पूजा परम्परा।