
हरितालिका तीज बिधि
हरितालिका तीज भोजपुरी इलाका में सुहागिन महिला लोग बड़ भक्ति से मनावेली। भादो शुक्ल तृतीया के ई निर्जला व्रत शिव-पार्वती के खातिर रखल जाला। बालू (रेत) या मिट्टी से शिव-पार्वती बना के पूजा कइल जाला। सोलह सिंगार कइल जाला, मेंहदी लगावल जाला। भोजपुरी बेल्ट में ई तीज बहुत ज्यादा उत्साह से मनावल जाला।
भादो शुक्ल तृतीया (अगस्त–सितंबर)
संझा — पूजा; भोर — पारन
Puja Samagri (Items Required)
- बालू या मिट्टी (शिव-पार्वती बनावे खातिर)
- बेलपत्र, धतूरा, आकमद
- सुहाग के सामान: सिंदूर, चूड़ी, बिछुवा
- मेंहदी, आलता
- फूल, फल, मीठाई
- दीया, धूप, कपूर
Puja Procedure — Steps
सोलह सिंगार
सुहागिन महिला लोग पूरा सोलह सिंगार करीं — बिंदी, सिंदूर, काजल, मेंहदी, चूड़ी, बिछुवा, पायल सब। नया कपड़ा पहिनीं।
शिव-पार्वती निर्माण
बालू या मिट्टी से शिव-पार्वती, नंदी आ शिवलिंग बनाईं। फूल-बेलपत्र से सजाईं।
रात भर पूजा आ जागरण
रात भर जाग के शिव-पार्वती के पूजा करीं। हरितालिका कथा सुनीं। तीज के गीत गाईं। भजन-कीर्तन करीं।
भोर में पारन
भोर में विसर्जन के बाद पारन करीं। पति के उपहार दीं। प्रसाद बँटाईं।
Main Mantra
ॐ नमः शिवाय। हरितालिका माता जी की जय! शिव शंकर भोले बाबा की जय! पार्वती माई के चरण में प्रणाम!
Benefits of this Puja
हरितालिका तीज से सुहाग (पति) के दीर्घायु, दाम्पत्य सुख, घर में शांति आ शिव-पार्वती के आशीर्वाद मिलेला।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हरितालिका तीज बिधि कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
भादो शुक्ल तृतीया (अगस्त–सितंबर) — संझा — पूजा; भोर — पारन
हरितालिका तीज बिधि के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
बालू या मिट्टी (शिव-पार्वती बनावे खातिर), बेलपत्र, धतूरा, आकमद, सुहाग के सामान: सिंदूर, चूड़ी, बिछुवा, मेंहदी, आलता, फूल, फल, मीठाई, दीया, धूप, कपूर
हरितालिका तीज बिधि में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ॐ नमः शिवाय। हरितालिका माता जी की जय! शिव शंकर भोले बाबा की जय! पार्वती माई के चरण में प्रणाम!
हरितालिका तीज बिधि करने से क्या लाभ मिलते हैं?
हरितालिका तीज से सुहाग (पति) के दीर्घायु, दाम्पत्य सुख, घर में शांति आ शिव-पार्वती के आशीर्वाद मिलेला।