चेटी चंड — बेहराना साहिब पूजा विधि (सिंधी नववर्ष)
चेटी चंड सिंधी हिंदुओं का सबसे बड़ा त्यौहार है — यह सिंधी नववर्ष और भगवान झूलेलाल (वरुण देवता) की जयंती है। सिंधी टिपनो (कैलेंडर) के चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। बेहराना साहिब (एक सजी हुई कांसे की थाली जिसमें आटे का दीपक, फल, सिंदूर रखा जाता है) इस पूजा का केंद्र है। नदी में "अखो" (चावल और दूध) अर्पित करना सिंधी परंपरा है। पलव (समर्पण प्रार्थना) से पूजा संपन्न होती है।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — सिंधी टिपनो नववर्ष (मार्च-अप्रैल)
प्रातःकाल — नदी तट पर बेहराना अर्पण
Puja Samagri (Items Required)
- बेहराना साहिब
- आटे का दीपक
- अखो
- नारियल, फल, सिंदूर, पुष्प
- मिश्री, इलायची, तिल
Puja Procedure — Steps
बेहराना साहिब सजाना
एक कांसे या स्टील की थाली में आटे का दीपक बनाएं। उसमें घी भरकर रुई की बत्ती लगाएं। थाली को फूलों, सिंदूर, नारियल, फलों और मिश्री से सजाएं — यह बेहराना साहिब है।
झूलेलाल पूजा
घर में झूलेलाल जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बेहराना साहिब रखें। दीपक प्रज्वलित करें। "जय झूलेलाल, जय वरुण देव!" का जाप करें। पंचामृत से अभिषेक करें।
नदी में अखो अर्पण
नदी तट पर जाकर अखो (चावल और दूध का मिश्रण) नदी में अर्पित करें। बेहराना साहिब को नदी में प्रवाहित करें (या जल में स्पर्श कराएं)। "ओम जय झूलेलाल" आरती गाएं।
पलव & प्रसाद
पलव करें — अपने कपड़े (चुन्नी/दुपट्टे) का पल्लू फैलाकर भगवान से प्रार्थना करें। यह सिंधी पूजा की अनिवार्य परंपरा है। ताहिरी (मीठे चावल), सिंधी कढ़ी, मिठाई का प्रसाद बांटें।
Main Mantra
ॐ जय झूलेलाल, जय वरुण देवाय नमः । झूलेलाल बेड़ापार करो, दुआवां दरिया जा । ओम वरुणाय नमः ।
Benefits of this Puja
नववर्ष की शुभकामना, झूलेलाल कृपा, परिवार में सुख-शांति, जल देवता का आशीर्वाद।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चेटी चंड — बेहराना साहिब पूजा विधि (सिंधी नववर्ष) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा — सिंधी टिपनो नववर्ष (मार्च-अप्रैल) — प्रातःकाल — नदी तट पर बेहराना अर्पण
चेटी चंड — बेहराना साहिब पूजा विधि (सिंधी नववर्ष) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
बेहराना साहिब, आटे का दीपक, अखो, नारियल, फल, सिंदूर, पुष्प, मिश्री, इलायची, तिल
चेटी चंड — बेहराना साहिब पूजा विधि (सिंधी नववर्ष) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ॐ जय झूलेलाल, जय वरुण देवाय नमः । झूलेलाल बेड़ापार करो, दुआवां दरिया जा । ओम वरुणाय नमः ।
चेटी चंड — बेहराना साहिब पूजा विधि (सिंधी नववर्ष) करने से क्या लाभ मिलते हैं?
नववर्ष की शुभकामना, झूलेलाल कृपा, परिवार में सुख-शांति, जल देवता का आशीर्वाद।