
थद्री — शीतला माता पूजा विधि (सिंधी)
थद्री सिंधी हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है — शीतला माता को समर्पित। इस दिन रसोई में आग नहीं जलाई जाती — सारा भोजन एक दिन पहले पकाया जाता है। "लोला" (मीठी रोटी) और "मणी" (बासी भोजन) खाना इस दिन का आचार है। थद्री का अर्थ है "ठंडा" — शीतला माता को ठंडा भोजन अर्पित किया जाता है।
श्रावण कृष्ण अष्टमी (जुलाई-अगस्त)
प्रातःकाल — शीतला माता पूजा
Puja Samagri (Items Required)
- लोला
- मणी
- दही, लस्सी, ठंडा दूध
- शीतला माता की मूर्ति/तस्वीर
- पुष्प, सिंदूर, चुनरी
Puja Procedure — Steps
एक दिन पहले भोजन तैयारी
थद्री से एक दिन पहले सारा भोजन पकाएं — लोला (मीठी रोटी), सब्जी, दाल, मणी। थद्री के दिन चूल्हा/गैस नहीं जलाना है।
शीतला माता पूजा
प्रातः शीतला माता की मूर्ति/तस्वीर पर ठंडा जल, दही, ठंडा दूध चढ़ाएं। पुष्प और सिंदूर अर्पित करें। "ओम शीतलायै नमः" जाप करें।
ठंडा भोजन
परिवार के सभी सदस्य ठंडा भोजन (लोला, मणी, दही, लस्सी) खाएं। गर्म भोजन बनाना या खाना वर्जित है।
पलव & प्रसाद
शीतला माता के सामने पलव करें। लोला और दही का प्रसाद पड़ोसियों को बांटें।
Main Mantra
ओम शीतलायै नमः । शीतला माता की जय! ठंडक प्रदान करो ।
Benefits of this Puja
शीतला माता कृपा, रोग निवारण, परिवार में शांति, ठंडक और सुख।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
थद्री — शीतला माता पूजा विधि (सिंधी) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
श्रावण कृष्ण अष्टमी (जुलाई-अगस्त) — प्रातःकाल — शीतला माता पूजा
थद्री — शीतला माता पूजा विधि (सिंधी) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
लोला, मणी, दही, लस्सी, ठंडा दूध, शीतला माता की मूर्ति/तस्वीर, पुष्प, सिंदूर, चुनरी
थद्री — शीतला माता पूजा विधि (सिंधी) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ओम शीतलायै नमः । शीतला माता की जय! ठंडक प्रदान करो ।
थद्री — शीतला माता पूजा विधि (सिंधी) करने से क्या लाभ मिलते हैं?
शीतला माता कृपा, रोग निवारण, परिवार में शांति, ठंडक और सुख।