
सतुआन (सतुआइन) बिधि
सतुआन भोजपुरी इलाका के एक अनूठा पर्व बा जवना में खरमास (अशुभ माह) खतम होखे पर सत्तू आ कच्चा आम खा के मनावल जाला। पौष/माघ माह में ई त्योहार बा। खरमास में कवनो शुभ काम ना होखेला — सतुआन एकर समाप्ति के उत्सव बा। सात्विक भोजन, सत्तू के लड्डू, कच्चा आम आ गुड़ खाइल जाला।
खरमास समाप्ति — पौष/माघ (जनवरी)
सबेरे — सूर्योदय के बाद
Puja Samagri (Items Required)
- सत्तू (भुना चना आटा)
- कच्चा आम (केरी)
- गुड़
- हरी मिर्च, नमक
- दही, चूड़ा
Puja Procedure — Steps
खरमास समाप्ति की तैयारी
खरमास खत्म होत देखीं (पंचांग अनुसार)। सत्तू, कच्चा आम, गुड़ इकट्ठा करीं।
सूर्य पूजा
सबेरे सूर्यदेव के जल चढ़ाईं (अर्घ्य)। "ॐ सूर्याय नमः" जप करीं। खरमास समाप्ति के खुशी में प्रार्थना करीं।
सतुआन भोजन
सत्तू के लिट्टी, सत्तू के लड्डू, कच्चा आम, गुड़, दही-चूड़ा — ई सब खाईं। परिवार आ पड़ोसी लोग के नेवता दीं।
लोक गीत
सतुआन के लोकगीत गाईं। खरमास बीतल, शुभ काम शुरू — ई खुशी के गीत बा।
Main Mantra
ॐ सूर्याय नमः। खरमास बीत गइल हो, सतुआन के बेर बा! सत्तू खा के मन बहल, गुड़-आम के मेल बा!
Benefits of this Puja
सतुआन से खरमास के अशुभ प्रभाव समाप्त होला, सूर्यदेव के कृपा मिलेला, स्वास्थ्य सुधरेला आ शुभ कार्य प्रारम्भ कइल जा सकेला।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सतुआन (सतुआइन) बिधि कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
खरमास समाप्ति — पौष/माघ (जनवरी) — सबेरे — सूर्योदय के बाद
सतुआन (सतुआइन) बिधि के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
सत्तू (भुना चना आटा), कच्चा आम (केरी), गुड़, हरी मिर्च, नमक, दही, चूड़ा
सतुआन (सतुआइन) बिधि में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ॐ सूर्याय नमः। खरमास बीत गइल हो, सतुआन के बेर बा! सत्तू खा के मन बहल, गुड़-आम के मेल बा!
सतुआन (सतुआइन) बिधि करने से क्या लाभ मिलते हैं?
सतुआन से खरमास के अशुभ प्रभाव समाप्त होला, सूर्यदेव के कृपा मिलेला, स्वास्थ्य सुधरेला आ शुभ कार्य प्रारम्भ कइल जा सकेला।