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बीब गराज़ माज (माता लक्ष्मी — कश्मीरी रूप)

पन द्यर — रोथ पूजा विधि (बीब गराज़ माज)

Last updated: 14 June 2026

पन द्यर कश्मीरी पण्डितों का लक्ष्मी-पूजन पर्व है, बीब गराज़ माज (माता लक्ष्मी का कश्मीरी रूप) को समर्पित। इस दिन "रोथ" (कश्मीरी मीठी रोटी — आटा, चीनी, सूखे मेवे से बनी) बनाकर माता को अर्पित की जाती है। सूत कातना (धागा कातना) इस पूजा की अनूठी विधि है — यह माता लक्ष्मी की कृपा आकर्षित करने का प्रतीक है।

Occasion

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (अगस्त–सितम्बर, सप्तर्षि पञ्चाङ्ग)

Muhurat

सन्ध्या काल — रात्रि पूजन

Puja Samagri (Items Required)

  • रोथ (कश्मीरी मीठी रोटी
  • सूत / धागा (कातने हेतु)
  • तकली / चरखा
  • दीपक, अगरबत्ती, कर्पूर
  • कुमकुम, चन्दन, अक्षत, पुष्प
  • फल, मिश्री, सूखे मेवे

Puja Procedure — Steps

Step 1

रोथ बनाना

गेहूँ के आटे को घी में गूँधें। चीनी/गुड़, सूखे मेवे (अखरोट, बादाम, किशमिश) मिलाएँ। गोल मोटी रोटी बनाकर शुद्ध घी में सेंकें — यही "रोथ" है। कम से कम 2-3 रोथ बनाएँ — एक माता हेतु, शेष परिवार हेतु।

Step 2

सूत कातना

पूजा के समय तकली/चरखे पर सूत (धागा) कातें। यह विधि बीब गराज़ माज की कृपा आकर्षित करने का प्रतीक है। कातते समय माता का ध्यान करें। कातें हुए सूत को पूजा स्थल पर रखें।

Step 3

बीब गराज़ माज पूजन

दीपक प्रज्वलित करें। माता लक्ष्मी (बीब गराज़ माज) की प्रतिमा/चित्र पर कुमकुम-चन्दन तिलक करें। पुष्प, अक्षत अर्पित करें। रोथ माता के सम्मुख रखें। "ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" जपें।

Step 4

नवीद वितरण

रोथ को नवीद (प्रसाद) के रूप में काटकर परिवार एवं पड़ोसियों में बाँटें। सूखे मेवे, मिश्री भी बाँटें। माता का आभार व्यक्त करें।

Main Mantra

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ।

बीब गराज़ माज — कश्मीरी लक्ष्मी स्तुति ।

ॐ श्रियै नमः ।

Benefits of this Puja

पन द्यर रोथ पूजा से माता लक्ष्मी (बीब गराज़ माज) की विशेष कृपा, घर में धन-समृद्धि, व्यापार में उन्नति, परिवार में सुख-शान्ति।

Important Notes

• रोथ = कश्मीरी पण्डित संस्कृति की विशेष मिठाई — शुद्ध घी में बने। • सूत कातना = अनिवार्य विधि, माता की कृपा का प्रतीक। • बीब गराज़ माज = माता लक्ष्मी का कश्मीरी नाम। • नवीद (रोथ) सभी को अवश्य बाँटें। • यह पूजा विशेषतः महिलाएँ करती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पन द्यर — रोथ पूजा विधि (बीब गराज़ माज) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (अगस्त–सितम्बर, सप्तर्षि पञ्चाङ्ग) — सन्ध्या काल — रात्रि पूजन

पन द्यर — रोथ पूजा विधि (बीब गराज़ माज) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

रोथ (कश्मीरी मीठी रोटी, सूत / धागा (कातने हेतु), तकली / चरखा, दीपक, अगरबत्ती, कर्पूर, कुमकुम, चन्दन, अक्षत, पुष्प, फल, मिश्री, सूखे मेवे

पन द्यर — रोथ पूजा विधि (बीब गराज़ माज) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः । बीब गराज़ माज — कश्मीरी लक्ष्मी स्तुति । ॐ श्रियै नमः ।

पन द्यर — रोथ पूजा विधि (बीब गराज़ माज) करने से क्या लाभ मिलते हैं?

पन द्यर रोथ पूजा से माता लक्ष्मी (बीब गराज़ माज) की विशेष कृपा, घर में धन-समृद्धि, व्यापार में उन्नति, परिवार में सुख-शान्ति।

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