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माँ लक्ष्मी आ चन्द्र देव
माँ लक्ष्मी आ चन्द्र देव

कोजागरा व्रत पूजन विधि (मैथिली)

Last updated: 14 June 2026

कोजागरा (शरद पूर्णिमा) मिथिला कें सबसँ महत्वपूर्ण लक्ष्मी पाबनि थिक। 'को जागरति' अर्थात् 'के जागि रहल अछि' — माँ लक्ष्मी राति में पृथ्वी पर भ्रमण करैत छथि आ जे जागल भेटैत छथि, हुनका पर कृपा करैत छथि। मिथिला में नवविवाहित दामादक नैहर सं ससुराल आबय कें परम्परा अछि।

Occasion

अश्विन शुक्ल पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा / कोजागरा)

Muhurat

रात्रि — चन्द्रोदय कें बाद, मध्यरात्रि धरि

Puja Samagri (Items Required)

  • माँ लक्ष्मी कें मूर्ति या चित्र
  • मखान (फूटल कमल बीज) — १ किलो
  • बताशा, इलायची दाना
  • केला (पाँच), नारियल
  • पान-सुपारी, सिन्दूर, अक्षत
  • सोना/चानी कें सिक्का
  • धूप, दीप, अगरबत्ती, कपूर
  • मखान-खीर — मुख्य प्रसाद (दूध, मखान, चीनी)
  • अरिपन (माटिक रंगोली) कें सामग्री
  • लाल वस्त्र, लाल पुष्प (कमल या गुलाब)

Puja Procedure — Steps

Step 1

अरिपन रचना

साँझ कें घर कें मुख्य द्वार आ पूजा स्थल पर पीठार (चानल चाउरक रस) सं अरिपन (मिथिला रंगोली) बनाउ। लक्ष्मी कें पदचिह्न आ कमल कें आकृति विशेष रूप सं बनाओल जाइत अछि।

Step 2

चन्द्रोदय अर्घ्य

चन्द्रोदय कें समय (लगभग साँझ 6:00 PM) चानी या तांबा कें लोटा सं चन्द्र देव कें जल अर्घ्य देल जाइत अछि।

Step 3

लक्ष्मी पूजन

माँ लक्ष्मी कें मूर्ति कें पंचामृत स्नान कराउ। लाल वस्त्र, सिन्दूर, अक्षत, कमल पुष्प अर्पित करू। सोना/चानीक सिक्का अर्पित करू।

Step 4

मखान-खीर भोग

मखान कें खीर बनाय कें थाली में राखि क' राति भर खुलल आसमान कें नीचाँ चान्दनी में राखू। चन्द्रमा कें किरण मखान-खीर पर पड़य ई आवश्यक अछि — एहि सं ओकर औषधीय गुण बढ़ैत अछि।

Step 5

रात्रि जागरण

परिवार सब रात भर जागल रहैत अछि — चौसर खेलाओल जाइत अछि, लक्ष्मी पाँचाली पाठ, विद्यापति पदावली कें भगवती पद, आ कीर्तन कएल जाइत अछि। 'को जागरति' कें भाव में रहू।

Step 6

जमाई-खिलाई परम्परा

मिथिला कें अनूठा परम्परा — नवविवाहित दामाद ससुराल आबैत छथि आ हुनका विशेष रूप सं मखान-खीर, मधुर पकवान आ नव वस्त्र देल जाइत अछि। ई 'जमाई पाबनि' सेहो कहाओल जाइत अछि।

Step 7

ब्रह्म मुहूर्त भोग

भोर 4:00 AM — ब्रह्म मुहूर्त में चान्दनी सं सोखल मखान-खीर सब परिवार आ पड़ोसी कें वितरित कएल जाइत अछि। ई वर्ष भरि नीरोगी रहय कें वरदान देत अछि।

Main Mantra

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥
ॐ ऐं रावणारिप्रियायै सर्वमंगलमंगल्ये कोजागर्ये नमो नमः॥

Benefits of this Puja

धन-धान्य कें वृद्धि, वर्ष भरि कें आरोग्य (मखान-खीर कें औषधीय गुणक कारण), नवविवाहित कें लेल वैवाहिक सुख, परिवार में लक्ष्मीक स्थायी निवास।

Important Notes

(१) मखान-खीर कें राति भर चान्दनी में राखब अनिवार्य — एहि सं चन्द्र-तत्त्व ओकर पोषण करैत अछि। (२) एहि राति में सूतब निषिद्ध — माँ लक्ष्मी सूतल कें घर सं वापस घुरि जाइत छथि। (३) कोजागरा कें अरिपन में लक्ष्मी पदचिह्न द्वार सं भीतर कें दिशा में बनाउ। (४) मिथिलाक 'जमाई पाबनि' परम्परा अनिवार्य अछि।

बेर-बेर पुछल जाएबला प्रश्न

कोजागरा व्रत पूजन विधि (मैथिली) कहिया कएल जाइत अछि आ शुभ मुहूर्त की अछि?

अश्विन शुक्ल पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा / कोजागरा) — रात्रि — चन्द्रोदय कें बाद, मध्यरात्रि धरि

कोजागरा व्रत पूजन विधि (मैथिली) लेल कोन पूजा सामग्री चाही?

माँ लक्ष्मी कें मूर्ति या चित्र, मखान (फूटल कमल बीज) — १ किलो, बताशा, इलायची दाना, केला (पाँच), नारियल, पान-सुपारी, सिन्दूर, अक्षत, सोना/चानी कें सिक्का, धूप, दीप, अगरबत्ती, कपूर, मखान-खीर — मुख्य प्रसाद (दूध, मखान, चीनी), अरिपन (माटिक रंगोली) कें सामग्री, लाल वस्त्र, लाल पुष्प (कमल या गुलाब)

कोजागरा व्रत पूजन विधि (मैथिली) मे कोन मंत्र जपल जाइत अछि?

ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥ ॐ ऐं रावणारिप्रियायै सर्वमंगलमंगल्ये कोजागर्ये नमो नमः॥

कोजागरा व्रत पूजन विधि (मैथिली) करबा सँ की लाभ भेटैत अछि?

धन-धान्य कें वृद्धि, वर्ष भरि कें आरोग्य (मखान-खीर कें औषधीय गुणक कारण), नवविवाहित कें लेल वैवाहिक सुख, परिवार में लक्ष्मीक स्थायी निवास।

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