खेत्सिमावस पूजा विधि (कश्मीरी अमावस्या)
खेत्सिमावस कश्मीरी पण्डितों की अमावस्या (नई चन्द्र) पूजा है। इस रात्रि विशेष "खिचड़ी" बनाकर यक्षों (अदृश्य शक्तियों) को अर्पित की जाती है। कश्मीरी परम्परा में अमावस्या की रात्रि को यक्ष-रक्ष शक्तियाँ सक्रिय मानी जाती हैं — उनकी शान्ति हेतु यह विधि की जाती है। घर की रक्षा एवं नकारात्मक शक्तियों के निवारण हेतु यह अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
प्रत्येक अमावस्या (मासिक)
रात्रि — अमावस्या तिथि
Puja Samagri (Items Required)
- खिचड़ी (चावल, मूँग दाल, घी)
- दीपक
- कुमकुम, चन्दन
- काली तिल
- अगरबत्ती, कर्पूर
- जल-पात्र
Puja Procedure — Steps
खिचड़ी तैयारी
चावल एवं मूँग दाल मिलाकर शुद्ध घी में खिचड़ी बनाएँ। हल्दी, नमक, काली मिर्च डालें। एक अलग थाली में यक्षों हेतु खिचड़ी रखें।
दीपक एवं रक्षा विधि
सरसों तेल का दीपक जलाएँ। घर के चारों कोनों में अगरबत्ती / धूप जलाएँ। कर्पूर जलाकर घर में चारों ओर घुमाएँ — नकारात्मक शक्तियों का निवारण। काली तिल जल में मिलाकर घर के द्वार पर छिड़कें।
यक्ष-अर्पण
खिचड़ी की थाली घर के बाहर / छत पर रखें — यक्षों हेतु। "ॐ यक्षाय नमः" जपें। प्रार्थना करें कि अदृश्य शक्तियाँ शान्त रहें, घर-परिवार सुरक्षित रहे।
घर-शुद्धि एवं रक्षा
दीपक को पूरी रात्रि जलता रहने दें। ठोकुर कुठ में प्रार्थना करें। परिवार के सभी सदस्य एक साथ भोजन करें। अमावस्या के अन्धकार में दीपक = प्रकाश-रक्षा।
Main Mantra
ॐ यक्षाय नमः । ॐ भूर्भुवः स्वः । ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
Benefits of this Puja
खेत्सिमावस से नकारात्मक शक्तियों का शमन, गृहरक्षा, अमावस्या दोष निवारण, परिवार में शान्ति-सुरक्षा।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खेत्सिमावस पूजा विधि (कश्मीरी अमावस्या) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
प्रत्येक अमावस्या (मासिक) — रात्रि — अमावस्या तिथि
खेत्सिमावस पूजा विधि (कश्मीरी अमावस्या) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
खिचड़ी (चावल, मूँग दाल, घी), दीपक, कुमकुम, चन्दन, काली तिल, अगरबत्ती, कर्पूर, जल-पात्र
खेत्सिमावस पूजा विधि (कश्मीरी अमावस्या) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ॐ यक्षाय नमः । ॐ भूर्भुवः स्वः । ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
खेत्सिमावस पूजा विधि (कश्मीरी अमावस्या) करने से क्या लाभ मिलते हैं?
खेत्सिमावस से नकारात्मक शक्तियों का शमन, गृहरक्षा, अमावस्या दोष निवारण, परिवार में शान्ति-सुरक्षा।