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चन्द्रमा (सोम देवता)
चन्द्रमा (सोम देवता)

काह्य पुनिम — पूर्णिमा पूजा विधि (कश्मीरी पण्डित)

Last updated: 14 June 2026

काह्य पुनिम कश्मीरी पण्डितों की पूर्णिमा पूजा है। प्रत्येक पूर्णिमा को कश्मीरी पण्डित परिवार चन्द्रमा (सोम देवता) की पूजा करते हैं। विशेषतः शरद पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा को विस्तृत पूजन विधि की जाती है। चन्द्र दर्शन, दूध-चावल का भोग, एवं परिवार के एकत्रित भोजन इस पूजा के मुख्य अंग हैं।

Occasion

प्रत्येक पूर्णिमा (मासिक) — विशेषतः शरद एवं कार्तिक पूर्णिमा

Muhurat

रात्रि — चन्द्रोदय के समय

Puja Samagri (Items Required)

  • दूध-चावल (खीर)
  • चन्द्र पूजा थाली
  • कुमकुम, चन्दन, अक्षत
  • दीपक (घी का)
  • सफ़ेद पुष्प
  • मिश्री, मखाना

Puja Procedure — Steps

Step 1

चन्द्रोदय प्रतीक्षा

सन्ध्या को पूजा थाली तैयार करें — दूध, जल, सफ़ेद पुष्प, अक्षत, दीपक। छत / खुले स्थान पर बैठें। चन्द्रोदय की प्रतीक्षा करें।

Step 2

चन्द्र पूजन

चन्द्रमा दिखने पर दूध-जल चढ़ाएँ (चन्द्रमा की दिशा में)। सफ़ेद पुष्प अर्पित करें। "ॐ सोमाय नमः" जपें। दीपक दिखाएँ। चन्द्रमा से शान्ति, शीतलता, मानसिक स्वास्थ्य हेतु प्रार्थना करें।

Step 3

खीर अर्पण

दूध-चावल (खीर) बनाकर चन्द्रमा की चाँदनी में रखें (शरद पूर्णिमा विशेष)। चाँदनी पड़ने दें — यह "चन्द्रामृत" है। बाद में परिवार में बाँटें।

Step 4

नवीद एवं परिवार भोजन

नवीद (मिश्री, मखाना, खीर) बाँटें। परिवार एकत्र होकर भोजन करे। पूर्णिमा की रात्रि चान्दनी में समय बिताएँ।

Main Mantra

ॐ सोमाय नमः ।

ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात् ।

Benefits of this Puja

काह्य पुनिम से चन्द्र देवता की कृपा, मानसिक शान्ति, शीतल स्वभाव, नेत्र स्वास्थ्य, परिवार में सौहार्द।

Important Notes

• काह्य पुनिम = हर पूर्णिमा — कश्मीरी नाम। • शरद पूर्णिमा = सबसे महत्त्वपूर्ण — खीर चाँदनी में रखें। • सफ़ेद पुष्प = चन्द्र पूजा हेतु उपयुक्त। • चन्द्रामृत = चाँदनी में रखी खीर — औषधीय गुण। • मासिक विधि — नियमित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काह्य पुनिम — पूर्णिमा पूजा विधि (कश्मीरी पण्डित) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?

प्रत्येक पूर्णिमा (मासिक) — विशेषतः शरद एवं कार्तिक पूर्णिमा — रात्रि — चन्द्रोदय के समय

काह्य पुनिम — पूर्णिमा पूजा विधि (कश्मीरी पण्डित) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

दूध-चावल (खीर), चन्द्र पूजा थाली, कुमकुम, चन्दन, अक्षत, दीपक (घी का), सफ़ेद पुष्प, मिश्री, मखाना

काह्य पुनिम — पूर्णिमा पूजा विधि (कश्मीरी पण्डित) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?

ॐ सोमाय नमः । ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात् ।

काह्य पुनिम — पूर्णिमा पूजा विधि (कश्मीरी पण्डित) करने से क्या लाभ मिलते हैं?

काह्य पुनिम से चन्द्र देवता की कृपा, मानसिक शान्ति, शीतल स्वभाव, नेत्र स्वास्थ्य, परिवार में सौहार्द।

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