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भगवान झूलेलाल (जल देवता)

चालीहो साहिब — 40 दिन तपस्या व्रत विधि (सिंधी)

Last updated: 14 June 2026

चालीहो साहिब सिंधी हिंदुओं की 40 दिन की तपस्या है — भगवान झूलेलाल को समर्पित। सिंधी इतिहास में जब सिंध के हिंदुओं पर अत्याचार हुआ, तब 40 दिन की तपस्या से वरुण देवता (झूलेलाल) प्रकट हुए। यह व्रत श्रावण शुक्ल द्वितीया से आश्विन कृष्ण एकादशी तक चलता है। अंतिम दिन "धन्यवाद पूजा" (Thanksgiving Puja) महान उत्सव होता है।

Occasion

श्रावण शुक्ल द्वितीया से 40 दिन (जुलाई-सितंबर)

Muhurat

प्रातः व सायं — 40 दिन प्रतिदिन

Puja Samagri (Items Required)

  • बेहराना साहिब
  • अखंड ज्योत
  • फल, दूध, मिश्री
  • झूलेलाल मूर्ति/तस्वीर
  • पुष्प, अगरबत्ती, कपूर

Puja Procedure — Steps

Step 1

व्रत संकल्प — 40 दिन

श्रावण शुक्ल द्वितीया को संकल्प लें: "मैं 40 दिन तक झूलेलाल व्रत रखूंगा/रखूंगी।" सात्विक भोजन (प्याज-लहसुन रहित) खाएं। कुछ भक्त निराहार रहते हैं।

Step 2

प्रतिदिन अखंड ज्योत

40 दिनों तक अखंड ज्योत जलाकर रखें। प्रतिदिन सुबह-शाम झूलेलाल की आरती करें। बेहराना साहिब के सामने दूध, फल अर्पित करें।

Step 3

धन्यवाद पूजा — अंतिम दिन

40वें दिन बड़ी पूजा का आयोजन करें। बेहराना साहिब को नदी में ले जाएं। अखो (चावल-दूध) नदी में अर्पित करें। सामूहिक भजन-कीर्तन करें।

Step 4

पलव & लंगर

पलव करें — पल्लू फैलाकर झूलेलाल से प्रार्थना। सामुदायिक लंगर (भोजन) का आयोजन करें — ताहिरी, सिंधी कढ़ी, पकवान।

Main Mantra

ॐ झूलेलाल देवाय नमः ।

चालीहो करो मन लाई, झूलेलाल पार लगाई ।

Benefits of this Puja

झूलेलाल कृपा, संकट निवारण, मनोकामना पूर्ति, पारिवारिक सुख।

Important Notes

• 40 दिनों तक सात्विक भोजन अनिवार्य — प्याज-लहसुन-मांस वर्जित। • अखंड ज्योत 40 दिन तक बुझनी नहीं चाहिए। • अंतिम दिन की "धन्यवाद पूजा" सबसे महत्वपूर्ण है। • सिंधी इतिहास: मिरखशाह के अत्याचार से बचने के लिए 40 दिन की तपस्या से झूलेलाल प्रकट हुए। • पलव हर सिंधी पूजा का अभिन्न अंग है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चालीहो साहिब — 40 दिन तपस्या व्रत विधि (सिंधी) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?

श्रावण शुक्ल द्वितीया से 40 दिन (जुलाई-सितंबर) — प्रातः व सायं — 40 दिन प्रतिदिन

चालीहो साहिब — 40 दिन तपस्या व्रत विधि (सिंधी) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

बेहराना साहिब, अखंड ज्योत, फल, दूध, मिश्री, झूलेलाल मूर्ति/तस्वीर, पुष्प, अगरबत्ती, कपूर

चालीहो साहिब — 40 दिन तपस्या व्रत विधि (सिंधी) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?

ॐ झूलेलाल देवाय नमः । चालीहो करो मन लाई, झूलेलाल पार लगाई ।

चालीहो साहिब — 40 दिन तपस्या व्रत विधि (सिंधी) करने से क्या लाभ मिलते हैं?

झूलेलाल कृपा, संकट निवारण, मनोकामना पूर्ति, पारिवारिक सुख।

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