भ्रातृ द्वितीया / भाई दूज विधि (मिथिला — मैथिल परम्परा)
भ्रातृ द्वितीया मैथिल शैली का भाई दूज — दीपावली के 2 दिन बाद। बहन भाई के माथे पर तिलक + विशेष भोजन। "यम-यमुना" कथा। मिथिला शैली — मखाना, पान, तिलकुट प्रसाद। अरिपन सजावट। दरभंगा/मधुबनी की विशेष परम्परा।
कार्तिक शुक्ल द्वितीया — दीपावली के 2 दिन बाद (अक्टूबर–नवम्बर)
अपराह्न — तिलक एवं भोजन
Puja Samagri (Items Required)
- हल्दी-कुमकुम-चावल (तिलक)
- घी दीपक
- मखाना, पान, तिलकुट
- फल, नारियल, मिठाई
- अरिपन पाउडर
- उपहार (भाई-बहन)
Puja Procedure — Steps
भाई स्वागत एवं अरिपन
बहन भाई को बुलाए। द्वार पर अरिपन। दीपक जलाएँ। आरती उतारें।
तिलक-टीका
भाई को आसन पर बैठाएँ। बहन हल्दी-कुमकुम-चावल तिलक लगाए। "भाई दीर्घायु हो" — प्रार्थना। भाई बहन को आशीर्वाद/उपहार।
मखाना-पान-तिलकुट प्रसाद
मिथिला विशेष — मखाना, पान, तिलकुट भाई को खिलाएँ। विशेष भोजन तैयार करें। भाई-बहन साथ भोजन।
यम-यमुना कथा एवं उपहार
यम-यमुना कथा सुनें। पारस्परिक उपहार। "इस दिन तिलक करने वाली बहन का भाई चिरायु हो" — यम का वरदान।
Main Mantra
ॐ यमाय नमः । ॐ यमुनायै नमः । भ्रातृ-भगिनी प्रेम अखण्डम् ।
Benefits of this Puja
भाई दीर्घायु, भाई-बहन प्रेम, यम-यमुना आशीर्वाद, मिथिला मखाना-पान परम्परा, पारिवारिक बन्धन।
Important Notes
बेर-बेर पुछल जाएबला प्रश्न
भ्रातृ द्वितीया / भाई दूज विधि (मिथिला — मैथिल परम्परा) कहिया कएल जाइत अछि आ शुभ मुहूर्त की अछि?
कार्तिक शुक्ल द्वितीया — दीपावली के 2 दिन बाद (अक्टूबर–नवम्बर) — अपराह्न — तिलक एवं भोजन
भ्रातृ द्वितीया / भाई दूज विधि (मिथिला — मैथिल परम्परा) लेल कोन पूजा सामग्री चाही?
हल्दी-कुमकुम-चावल (तिलक), घी दीपक, मखाना, पान, तिलकुट, फल, नारियल, मिठाई, अरिपन पाउडर, उपहार (भाई-बहन)
भ्रातृ द्वितीया / भाई दूज विधि (मिथिला — मैथिल परम्परा) मे कोन मंत्र जपल जाइत अछि?
ॐ यमाय नमः । ॐ यमुनायै नमः । भ्रातृ-भगिनी प्रेम अखण्डम् ।
भ्रातृ द्वितीया / भाई दूज विधि (मिथिला — मैथिल परम्परा) करबा सँ की लाभ भेटैत अछि?
भाई दीर्घायु, भाई-बहन प्रेम, यम-यमुना आशीर्वाद, मिथिला मखाना-पान परम्परा, पारिवारिक बन्धन।