अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन)
कश्मीरी पण्डितों की अन्त्येष्टि (अन्तिम संस्कार) विधि 10-12 दिन की विस्तृत प्रक्रिया है। इसमें दाह-संस्कार (शव-दहन), तीसरे दिन अस्थि-संचय, दसवें दिन दशाह (शुद्धि), ग्यारहवें दिन श्राद्ध/क्रिया, बारहवें दिन ब्राह्मण-भोजन एवं दान शामिल है। कश्मीरी परम्परा में विशिष्ट मन्त्र, क्रियाएँ एवं रीतियाँ हैं।
मृत्यु के पश्चात् — 10-12 दिन
यथाशीघ्र — मृत्यु के पश्चात्
Puja Samagri (Items Required)
- चिता-सामग्री (लकड़ी, घी, कर्पूर)
- कुशा, तिल, जौ
- जल-कलश (गंगा-जल / शुद्ध जल)
- सफ़ेद वस्त्र
- दीपक (अखण्ड)
- दान सामग्री (वस्त्र, अन्न, धन)
Puja Procedure — Steps
दाह-संस्कार — प्रथम दिन
शव को स्नान कराएँ। सफ़ेद वस्त्र पहनाएँ। माथे पर चन्दन-तिलक लगाएँ। चिता सजाएँ — लकड़ी, घी, कर्पूर। ज्येष्ठ पुत्र / निकटतम पुरुष सम्बन्धी मुखाग्नि दे। "ॐ नमो भगवते रुद्राय" जपें।
अस्थि-संचय — तीसरा दिन
चिता-स्थल पर जाएँ। अस्थि (हड्डियाँ, राख) एकत्र करें। शुद्ध जल से स्नान कराएँ। अस्थियाँ कलश में रखें — बाद में पवित्र नदी (गंगा/वितस्ता) में विसर्जित करें।
दशाह-शुद्धि — दसवाँ दिन
दस दिन शोक-काल। दसवें दिन घर की शुद्धि करें — गोमूत्र/गंगाजल छिड़काव। परिवार के सभी सदस्य स्नान करें। नया भोजन बनाएँ। दीपक जलाएँ। पुरोहित शान्ति-पाठ करें।
श्राद्ध-क्रिया एवं ब्राह्मण-भोजन — 11-12वाँ दिन
ग्यारहवें दिन श्राद्ध-क्रिया — तर्पण, पिण्डदान विधि। बारहवें दिन ब्राह्मण-भोजन, वस्त्र-दान, अन्न-दान। पुरोहित को दक्षिणा। परिवार सामान्य जीवन में लौटे।
Main Mantra
ॐ नमो भगवते रुद्राय । ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥ ॐ स्वधा ।
Benefits of this Puja
अन्त्येष्टि विधि से मृतात्मा की सद्गति, पितृलोक प्राप्ति, परिवार की शुद्धि, शोक-शान्ति, पितृ-ऋण से मुक्ति।
Important Notes
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?
मृत्यु के पश्चात् — 10-12 दिन — यथाशीघ्र — मृत्यु के पश्चात्
अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?
चिता-सामग्री (लकड़ी, घी, कर्पूर), कुशा, तिल, जौ, जल-कलश (गंगा-जल / शुद्ध जल), सफ़ेद वस्त्र, दीपक (अखण्ड), दान सामग्री (वस्त्र, अन्न, धन)
अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?
ॐ नमो भगवते रुद्राय । ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥ ॐ स्वधा ।
अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन) करने से क्या लाभ मिलते हैं?
अन्त्येष्टि विधि से मृतात्मा की सद्गति, पितृलोक प्राप्ति, परिवार की शुद्धि, शोक-शान्ति, पितृ-ऋण से मुक्ति।