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अग्नि देवता / यम देवता

अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन)

Last updated: 14 June 2026

कश्मीरी पण्डितों की अन्त्येष्टि (अन्तिम संस्कार) विधि 10-12 दिन की विस्तृत प्रक्रिया है। इसमें दाह-संस्कार (शव-दहन), तीसरे दिन अस्थि-संचय, दसवें दिन दशाह (शुद्धि), ग्यारहवें दिन श्राद्ध/क्रिया, बारहवें दिन ब्राह्मण-भोजन एवं दान शामिल है। कश्मीरी परम्परा में विशिष्ट मन्त्र, क्रियाएँ एवं रीतियाँ हैं।

Occasion

मृत्यु के पश्चात् — 10-12 दिन

Muhurat

यथाशीघ्र — मृत्यु के पश्चात्

Puja Samagri (Items Required)

  • चिता-सामग्री (लकड़ी, घी, कर्पूर)
  • कुशा, तिल, जौ
  • जल-कलश (गंगा-जल / शुद्ध जल)
  • सफ़ेद वस्त्र
  • दीपक (अखण्ड)
  • दान सामग्री (वस्त्र, अन्न, धन)

Puja Procedure — Steps

Step 1

दाह-संस्कार — प्रथम दिन

शव को स्नान कराएँ। सफ़ेद वस्त्र पहनाएँ। माथे पर चन्दन-तिलक लगाएँ। चिता सजाएँ — लकड़ी, घी, कर्पूर। ज्येष्ठ पुत्र / निकटतम पुरुष सम्बन्धी मुखाग्नि दे। "ॐ नमो भगवते रुद्राय" जपें।

Step 2

अस्थि-संचय — तीसरा दिन

चिता-स्थल पर जाएँ। अस्थि (हड्डियाँ, राख) एकत्र करें। शुद्ध जल से स्नान कराएँ। अस्थियाँ कलश में रखें — बाद में पवित्र नदी (गंगा/वितस्ता) में विसर्जित करें।

Step 3

दशाह-शुद्धि — दसवाँ दिन

दस दिन शोक-काल। दसवें दिन घर की शुद्धि करें — गोमूत्र/गंगाजल छिड़काव। परिवार के सभी सदस्य स्नान करें। नया भोजन बनाएँ। दीपक जलाएँ। पुरोहित शान्ति-पाठ करें।

Step 4

श्राद्ध-क्रिया एवं ब्राह्मण-भोजन — 11-12वाँ दिन

ग्यारहवें दिन श्राद्ध-क्रिया — तर्पण, पिण्डदान विधि। बारहवें दिन ब्राह्मण-भोजन, वस्त्र-दान, अन्न-दान। पुरोहित को दक्षिणा। परिवार सामान्य जीवन में लौटे।

Main Mantra

ॐ नमो भगवते रुद्राय ।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

ॐ स्वधा ।

Benefits of this Puja

अन्त्येष्टि विधि से मृतात्मा की सद्गति, पितृलोक प्राप्ति, परिवार की शुद्धि, शोक-शान्ति, पितृ-ऋण से मुक्ति।

Important Notes

• कश्मीरी अन्त्येष्टि = 10-12 दिन की प्रक्रिया। • मुखाग्नि = ज्येष्ठ पुत्र / निकटतम पुरुष। • अस्थि-विसर्जन = गंगा / वितस्ता में। • दशाह = शुद्धि दिवस — अनिवार्य। • ब्राह्मण-भोजन = 12वें दिन अनिवार्य। • शोक-काल = 10 दिन — इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन) कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?

मृत्यु के पश्चात् — 10-12 दिन — यथाशीघ्र — मृत्यु के पश्चात्

अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन) के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

चिता-सामग्री (लकड़ी, घी, कर्पूर), कुशा, तिल, जौ, जल-कलश (गंगा-जल / शुद्ध जल), सफ़ेद वस्त्र, दीपक (अखण्ड), दान सामग्री (वस्त्र, अन्न, धन)

अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन) में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?

ॐ नमो भगवते रुद्राय । ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥ ॐ स्वधा ।

अन्त्येष्टि — कश्मीरी अन्तिम संस्कार विधि (10-11-12 दिन) करने से क्या लाभ मिलते हैं?

अन्त्येष्टि विधि से मृतात्मा की सद्गति, पितृलोक प्राप्ति, परिवार की शुद्धि, शोक-शान्ति, पितृ-ऋण से मुक्ति।

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