Skip to content
भगवान श्रीकृष्ण
सिर्फ़ सारांश चाहिए? भगवद्गीता का संक्षिप्त सारांश पढ़ें — 18 अध्याय एवं तीन योग-मार्ग एक नज़र में →
Loading...

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवद गीता क्या है?

भगवद गीता ("भगवान का गीत") महाभारत के अंतर्गत आने वाला 700 श्लोकों का हिन्दू ग्रंथ है। यह कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के संवाद को अंकित करता है, जिसमें श्रीकृष्ण धर्म, अमर आत्मा, निष्काम कर्म (कर्मयोग), भक्ति और मोक्ष का शाश्वत उपदेश देते हैं।

भगवद गीता में कितने अध्याय और श्लोक हैं?

भगवद गीता में 18 अध्याय और 700 श्लोक हैं। प्रत्येक अध्याय स्वयं एक "योग" कहलाता है — अर्जुन विषाद योग (अध्याय 1) से लेकर मोक्ष संन्यास योग (अध्याय 18) तक एक विशिष्ट मार्ग या उपदेश।

भगवद गीता किसने और किससे कही?

भगवद गीता कुरुक्षेत्र युद्ध से ठीक पहले भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कही। संजय ने इसे देखकर अंधे राजा धृतराष्ट्र को सुनाया। इसकी रचना महर्षि वेदव्यास ने महाभारत के अंग के रूप में की।

भगवद गीता का मूल उपदेश क्या है?

गीता का मूल उपदेश निष्काम कर्म है — पूर्ण प्रयास से अपना कर्तव्य करना, किन्तु फल की आसक्ति त्यागना ("कर्मण्येवाधिकारस्ते")। यह कर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्गों में सामंजस्य स्थापित करती है, जो सब आंतरिक शांति और मोक्ष की ओर ले जाते हैं।

नया पाठक भगवद गीता कैसे पढ़ना शुरू करे?

अध्याय 2 (सांख्य योग) से आरंभ करें, जिसमें पूरी गीता का सार है, फिर भक्ति-मार्ग हेतु अध्याय 12 (भक्ति योग)। प्रतिदिन कुछ श्लोक अर्थ सहित पढ़ें, उन पर चिंतन करें, और कठिन अध्याय बाद में पढ़ें। वेदकोश पर प्रत्येक श्लोक संस्कृत, लिप्यंतरण और हिंदी-अंग्रेज़ी अर्थ सहित उपलब्ध है।

अंतिम अपडेट: جوٗن ۱۴, ۲۰۲۶

Recently Accessed

Home

Premium Tools

View All

Trending Topics

Continue Your Spiritual Journey

Explore related Hindu wisdom, daily guidance, and AI-powered answers on VedKosh.

Daily Quiz

रामायण प्रश्नोत्तरी

1/108

किस ऋषि ने राजा दशरथ को पुत्रकामेष्टि यज्ञ करने की सलाह दी?

Independently reviewed for authenticity. Please verify meanings and rituals yourself before following.

भगवद गीता - 18 अध्याय अर्थ सहित | वेदकोश