
नवरात्रि कन्या पूजन विधि — गढ़वाली
नवरात्रि गढ़वाल मा पाहड़ी आतिथ्य अर कन्या पूजन के साथ मनाई जान्दी छ। चैत्र अर शारदीय नवरात्रि (मार्च-अप्रैल, सितम्बर-अक्टूबर) मा नौ दिन माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा हूंदी छ। अष्टमी या नवमी कू कन्या पूजन (कंजक) हूंदो छ — नौ छोटी लड़कियों कू देवी रूप मानकै पूजा करी जान्दी छ, पैर धोये जांदन, भोजन कराई जान्दो छ। गढ़वाली पाहड़ी आतिथ्य मा कंजक कू विशेष गढ़वाली पकवान खिलाई जान्दन।
शारदीय नवरात्रि अष्टमी/नवमी (सितम्बर-अक्टूबर)
अष्टमी या नवमी, पूर्वाह्न
Puja Samagri (Items Required)
- कन्या पूजन सामग्री (रोली, अक्षत, फूल)
- पांव धोने कू परात अर जल
- हलवा-पूड़ी-चना (कंजक भोग)
- गढ़वाली पकवान (बड़ी, डुबक, कापा)
- लाल चुनरी/दुपट्टा (प्रत्येक कन्या कू)
- दक्षिणा (पैसे/उपहार)
- ज्योत (अखंड
- नारियल, फल, मिठाई
Puja Procedure — Steps
नवरात्रि ज्योत स्थापना
नवरात्रि प्रथम दिन कलश स्थापित करो अर अखंड ज्योत जलाओ — नौ दिन जलती रहणी चाहिए। माता दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करो। रोज़ एक नवदुर्गा रूप की पूजा करो।
कन्या चयन अर आमंत्रण
अष्टमी या नवमी कू नौ छोटी लड़कियों (2-10 वर्ष) कू आमंत्रित करो। गढ़वाल मा पड़ोस अर रिश्तेदारों की बेटियों कू प्यार से बुलाई जान्दो छ। उँकू देवी को रूप माना जान्दो छ।
कन्या पूजन
कन्याओं के पैर धोओ, फूल-अक्षत-रोली लगाओ। लाल चुनरी ओढ़ाओ। हर कन्या कू देवी का नाम दियो — शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी आदि। प्रणाम करो अर आशीर्वाद मांगो।
गढ़वाली भोज
कन्याओं कू विशेष भोजन कराओ — हलवा, पूड़ी, काले चने। गढ़वाली पाहड़ी आतिथ्य मा बड़ी (उड़द दाल की पकौड़ी), डुबक (गहत की दाल), कापा (मंडुवे की रोटी) भी खिलाओ। प्यार से अर सम्मान से खिलाओ।
दक्षिणा अर विदाई
भोजन के बाद हर कन्या कू दक्षिणा दियो — पैसे, कपड़े, मिठाई, खिलौने। पैर छूओ अर आशीर्वाद लेओ। गढ़वाल मा कन्या कू "देवी मैया" बोलकै विदा करी जान्दो छ।
Main Mantra
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः। गढ़वाल की कन्या, देवी को रूप, पाहड़ी आतिथ्य से सम्मान करो, माता दुर्गा प्रसन्न होंदी छन।
Benefits of this Puja
नवरात्रि कन्या पूजन से माता दुर्गा की कृपा, कन्याओं कू सम्मान, परिवार मा सुख-समृद्धि, नकारात्मक शक्तियों को नाश अर गढ़वाली आतिथ्य परम्परा को संरक्षण हूंदो छ।