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दुर्गा माई
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दुर्गा पूजा (कलश स्थापना) बिधि

Last updated: 14 June 2026

नवरात्र में दुर्गा पूजा भोजपुरी इलाका में "कलश स्थापना" से शुरू होखेला। प्रतिपदा के कलश बइठावल, जवार (जौ) बोवल, नवो दिन ज्योत जरावल आ नवमी के होम — ई सब भोजपुरी गृहस्थ परंपरा बा। "माई के जगाइल" (अमवस से पहिले) बहुत भक्ति से कइल जाला। दशमी के विजयादशमी (दशहरा) मनावल जाला।

Occasion

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी (सितंबर–अक्टूबर)

Muhurat

प्रतिपदा के सबेरे — अभिजित मुहूर्त में

Puja Samagri (Items Required)

  • कलश (ताँबा/मिट्टी), जल, आमपत्ता, नारियल
  • जवार (जौ) के बीज, मिट्टी
  • अखंड ज्योत के दीया, घी
  • दुर्गा सप्तशती/चंडी पाठ
  • लाल कपड़ा, सिंदूर, फूल
  • नारियल, केला, पान-सुपारी
  • हवन सामग्री

Puja Procedure — Steps

Step 1

कलश स्थापना

प्रतिपदा के सबेरे साफ-सफाई के बाद कलश में जल, आमपत्ता, नारियल रख के स्थापित करीं। कलश के चारो ओर जवार (जौ) बोईं। लाल कपड़ा बिछाईं।

Step 2

अखंड ज्योत

घी के अखंड ज्योत (दीया) प्रज्वलित करीं। ई ज्योत 9 दिन बुझे ना चाहीं — रोज घी डालत रहीं।

Step 3

नवो दिन पूजा

रोज दुर्गा माई के फूल, सिंदूर, फल, भोग चढ़ाईं। दुर्गा चालीसा या सप्तशती पाठ करीं। नवमी के हवन करीं।

Step 4

विसर्जन आ दशहरा

कलश विसर्जन करीं। जवार (जौ) के चारा शुभ मानल जाला। दशमी के विजयादशमी मनाईं — शमी पत्ता लूटल जाला।

Main Mantra

ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी,
दुर्गा शिवा क्षमा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥

Benefits of this Puja

नवरात्र पूजा से दुर्गा माई के कृपा, विघ्न-नाश, शत्रु-जय, गृह-शांति आ संतान-सुख मिलेला।

Important Notes

• अखंड ज्योत 9 दिन बुझे ना चाहीं — बहुत ध्यान रखीं। • जवार (जौ) हरा-भरा उगे त बहुत शुभ बा। • नवमी के हवन बहुत ज़रूरी बा। • कलश विसर्जन जलाशय में करीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दुर्गा पूजा (कलश स्थापना) बिधि कब की जाती है और शुभ मुहूर्त क्या है?

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी (सितंबर–अक्टूबर) — प्रतिपदा के सबेरे — अभिजित मुहूर्त में

दुर्गा पूजा (कलश स्थापना) बिधि के लिए कौन-सी पूजा सामग्री चाहिए?

कलश (ताँबा/मिट्टी), जल, आमपत्ता, नारियल, जवार (जौ) के बीज, मिट्टी, अखंड ज्योत के दीया, घी, दुर्गा सप्तशती/चंडी पाठ, लाल कपड़ा, सिंदूर, फूल, नारियल, केला, पान-सुपारी, हवन सामग्री

दुर्गा पूजा (कलश स्थापना) बिधि में कौन-सा मंत्र जपा जाता है?

ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी, दुर्गा शिवा क्षमा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥

दुर्गा पूजा (कलश स्थापना) बिधि करने से क्या लाभ मिलते हैं?

नवरात्र पूजा से दुर्गा माई के कृपा, विघ्न-नाश, शत्रु-जय, गृह-शांति आ संतान-सुख मिलेला।

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