Special for Narasimha Jayanti — 108 divine names in Sanskrit with Hindi meaning, for protection, enemy removal, and planetary relief
🔥 Narasimha Jayanti 2026 — April 30
Chanting these 108 names on Narasimha Jayanti destroys enemy troubles, pacifies Rahu-Ketu afflictions, and grants the special protection of Lord Narasimha.
🕉️ How to chant: Begin each name with "Om" and end with "Namah." Chanting at dusk (sandhya kaal) is most powerful. Use a Rudraksha mala.
📖 108 Names — Sanskrit & Hindi Meaning
1.
ॐ नृसिंहाय नमः
नृसिंह — नर+सिंह, मानव-सिंह रूप
2.
ॐ महासिंहाय नमः
महासिंह — महान सिंह
3.
ॐ दिव्यसिंहाय नमः
दिव्यसिंह — दिव्य सिंह स्वरूप
4.
ॐ महाविष्णवे नमः
महाविष्णु — महान विष्णु
5.
ॐ स्तम्भजाय नमः
स्तंभज — खंभे से प्रकट हुए
6.
ॐ उग्रनृसिंहाय नमः
उग्रनृसिंह — उग्र सिंह स्वरूप
7.
ॐ वज्रनखाय नमः
वज्रनख — वज्र के समान नाखून वाले
8.
ॐ ज्वालामुख्यै नमः
ज्वालामुखी — अग्नि मुख वाले
9.
ॐ सहस्राक्षाय नमः
सहस्राक्ष — हजार नेत्र वाले
10.
ॐ प्रहलादवरदाय नमः
प्रह्लादवरद — प्रह्लाद को वर देने वाले
11.
ॐ हिरण्यकशिपुघ्नाय नमः
हिरण्यकशिपुघ्न — हिरण्यकशिपु का वध करने वाले
12.
ॐ दैत्यान्तकाय नमः
दैत्यांतक — दैत्यों का अंत करने वाले
13.
ॐ सर्वरक्षकाय नमः
सर्वरक्षक — सभी की रक्षा करने वाले
14.
ॐ भयंकराय नमः
भयंकर — भयंकर स्वरूप वाले
15.
ॐ सर्वभयहराय नमः
सर्वभयहर — सभी के भय हरने वाले
16.
ॐ परब्रह्मणे नमः
परब्रह्म — परमब्रह्म स्वरूप
17.
ॐ परमात्मने नमः
परमात्मा — परम आत्मा
18.
ॐ परमेश्वराय नमः
परमेश्वर — परम ईश्वर
19.
ॐ अनन्ताय नमः
अनंत — अनंत, असीम
20.
ॐ अव्ययाय नमः
अव्यय — अविनाशी
21.
ॐ शाश्वताय नमः
शाश्वत — शाश्वत, सनातन
22.
ॐ विष्णवे नमः
विष्णु — सर्वव्यापी
23.
ॐ हरये नमः
हरि — पापों को हरने वाले
24.
ॐ नारायणाय नमः
नारायण — नार (जीवों) के आयन
25.
ॐ श्रीपतये नमः
श्रीपति — लक्ष्मी के पति
26.
ॐ लक्ष्मीनृसिंहाय नमः
लक्ष्मीनृसिंह — लक्ष्मी के साथ नृसिंह
27.
ॐ भक्तवत्सलाय नमः
भक्तवत्सल — भक्तों से प्रेम करने वाले
28.
ॐ सुरक्षकाय नमः
सुरक्षक — सुरों की रक्षा करने वाले
29.
ॐ करालाय नमः
कराल — विकराल रूप वाले
30.
ॐ विकरालाय नमः
विकराल — अत्यंत भयंकर
31.
ॐ क्रूराय नमः
क्रूर — क्रूर (दुष्टों के लिए)
32.
ॐ वीराय नमः
वीर — महावीर
33.
ॐ महावीराय नमः
महावीर — महान वीर
34.
ॐ जितक्रोधाय नमः
जितक्रोध — क्रोध को जीतने वाले
35.
ॐ जितेन्द्रियाय नमः
जितेंद्रिय — इंद्रियों को जीतने वाले
36.
ॐ सर्वशक्तिमते नमः
सर्वशक्तिमान — सभी शक्तियों के स्वामी
37.
ॐ सर्वज्ञाय नमः
सर्वज्ञ — सर्वज्ञाता
38.
ॐ सर्वव्यापिने नमः
सर्वव्यापी — सर्वत्र व्याप्त
39.
ॐ सर्वसाक्षिणे नमः
सर्वसाक्षी — सभी के साक्षी
40.
ॐ निर्गुणाय नमः
निर्गुण — गुणातीत
41.
ॐ सगुणाय नमः
सगुण — सगुण रूप धारण करने वाले
42.
ॐ निराकाराय नमः
निराकार — आकाररहित
43.
ॐ साकाराय नमः
साकार — सुंदर आकार धारण करने वाले
44.
ॐ योगेश्वराय नमः
योगेश्वर — योग के ईश्वर
45.
ॐ महायोगिने नमः
महायोगी — महान योगी
46.
ॐ ध्यानगम्याय नमः
ध्यानगम्य — ध्यान से प्राप्त होने वाले
47.
ॐ तपोगम्याय नमः
तपोगम्य — तप से प्राप्त होने वाले
48.
ॐ भक्तिगम्याय नमः
भक्तिगम्य — भक्ति से प्राप्त होने वाले
49.
ॐ ज्ञानगम्याय नमः
ज्ञानगम्य — ज्ञान से प्राप्त होने वाले
50.
ॐ कपिलाय नमः
कपिल — कपिल (पीत-लाल वर्ण)
51.
ॐ भास्कराय नमः
भास्कर — सूर्य के समान तेजस्वी
52.
ॐ रुद्राय नमः
रुद्र — रोद्र, भयभीत करने वाले
53.
ॐ ब्रह्माय नमः
ब्रह्मा — सृष्टिकर्ता ब्रह्म स्वरूप
54.
ॐ इन्द्राय नमः
इंद्र — देवराज इंद्र के समान
55.
ॐ यमाय नमः
यम — धर्मराज यम रूप
56.
ॐ अग्नये नमः
अग्नि — अग्नि रूप
57.
ॐ वायवे नमः
वायु — वायु रूप
58.
ॐ वरुणाय नमः
वरुण — जल के स्वामी वरुण रूप
59.
ॐ सोमाय नमः
सोम — चंद्रमा रूप
60.
ॐ प्रजापतये नमः
प्रजापति — सभी प्राणियों के पालक
61.
ॐ वेदाय नमः
वेद — वेद स्वरूप
62.
ॐ वेदान्ताय नमः
वेदांत — वेदांत का सार
63.
ॐ यज्ञाय नमः
यज्ञ — यज्ञ स्वरूप
64.
ॐ यज्ञेश्वराय नमः
यज्ञेश्वर — यज्ञ के ईश्वर
65.
ॐ यज्ञभुजे नमः
यज्ञभुज — यज्ञ का भोग करने वाले
66.
ॐ यज्ञपतये नमः
यज्ञपति — यज्ञ के स्वामी
67.
ॐ महाक्रतवे नमः
महाक्रतु — महान यज्ञ
68.
ॐ त्रिविक्रमाय नमः
त्रिविक्रम — तीन पगों में तीनों लोक नापने वाले
69.
ॐ वामनाय नमः
वामन — वामन अवतार
70.
ॐ श्रीधराय नमः
श्रीधर — श्री (लक्ष्मी) को धारण करने वाले
71.
ॐ हृषीकेशाय नमः
हृषीकेश — इंद्रियों के स्वामी
72.
ॐ पद्मनाभाय नमः
पद्मनाभ — नाभि से कमल वाले
73.
ॐ दामोदराय नमः
दामोदर — रस्सी से बंधने वाले
74.
ॐ संकर्षणाय नमः
संकर्षण — आकर्षित करने वाले
75.
ॐ वासुदेवाय नमः
वासुदेव — वसु के पुत्र (कृष्ण)
76.
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
प्रद्युम्न — अत्यंत तेजस्वी
77.
ॐ अनिरुद्धाय नमः
अनिरुद्ध — अजेय
78.
ॐ पुरुषोत्तमाय नमः
पुरुषोत्तम — पुरुषों में श्रेष्ठ
79.
ॐ अधोक्षजाय नमः
अधोक्षज — इंद्रियों से परे
80.
ॐ नरोत्तमाय नमः
नरोत्तम — नरों में उत्तम
81.
ॐ सहस्रशीर्षाय नमः
सहस्रशीर्ष — हजार सिर वाले
82.
ॐ सहस्रपादाय नमः
सहस्रपाद — हजार पैर वाले
83.
ॐ सहस्राय नमः
सहस्र — सहस्र (असंख्य) रूपों वाले
84.
ॐ विश्वरूपाय नमः
विश्वरूप — विश्व के रूप वाले
85.
ॐ विश्वभावनाय नमः
विश्वभावन — विश्व के पालनहार
86.
ॐ सर्वभावनाय नमः
सर्वभावन — सभी के पालनहार
87.
ॐ अनादये नमः
अनादि — जिनका कोई आदि नहीं
88.
ॐ अनन्ताय नमः
अनंत — जिनका कोई अंत नहीं
89.
ॐ अच्युताय नमः
अच्युत — कभी न गिरने वाले
90.
ॐ अव्यक्ताय नमः
अव्यक्त — जो इंद्रियों से नहीं जाना जाता
91.
ॐ जनार्दनाय नमः
जनार्दन — प्राणियों की रक्षा करने वाले
92.
ॐ उपेन्द्राय नमः
उपेंद्र — इंद्र के छोटे भाई (वामन)
93.
ॐ चक्रिणे नमः
चक्री — सुदर्शन चक्र धारी
94.
ॐ गदिने नमः
गदी — गदा धारी
95.
ॐ शार्ङ्गिणे नमः
शार्ङ्गी — शार्ङ्ग धनुष धारी
96.
ॐ पाञ्चजन्यधराय नमः
पांचजन्यधर — पांचजन्य शंख धारी
97.
ॐ नन्दकिने नमः
नंदकी — नंदक तलवार धारी
98.
ॐ कमलाक्षाय नमः
कमलाक्ष — कमल जैसे नेत्र वाले
99.
ॐ गरुडध्वजाय नमः
गरुड़ध्वज — गरुड़ की पताका वाले
100.
ॐ सर्वदेवस्तुताय नमः
सर्वदेवस्तुत — सभी देवों द्वारा स्तुत
101.
ॐ भूताधिपाय नमः
भूताधिप — सभी प्राणियों के स्वामी
102.
ॐ मोक्षदाय नमः
मोक्षद — मोक्ष देने वाले
103.
ॐ मुक्तिदाय नमः
मुक्तिद — मुक्ति देने वाले
104.
ॐ विभवे नमः
विभव — वैभवशाली
105.
ॐ कल्याणदाय नमः
कल्याणद — कल्याण प्रदान करने वाले
106.
ॐ सर्वरोगहराय नमः
सर्वरोगहर — सभी रोग दूर करने वाले
107.
ॐ शान्तिदाय नमः
शांतिद — शांति देने वाले
108.
ॐ श्री नृसिंहाय नमः
श्री नृसिंह — जय हो नृसिंह भगवान
✨ Benefits (Phalaśruti)
Devotees who chant these 108 names on Narasimha Jayanti and every Shukla Chaturdashi receive protection from enemies, relief from planetary afflictions, long life, disease removal, and ultimately liberation (moksha). By Lord Narasimha's grace, no fear or obstacle remains.
The Lord Narasimha 108 Names is a sacred Hindu devotional hymn (stotram) dedicated to Narasimha. VedKosh provides its complete text in Hindi and English with transliteration for regional readers.
What are the benefits of reciting the Lord Narasimha 108 Names?
Reciting the Lord Narasimha 108 Names with devotion is traditionally believed to invoke the grace of Narasimha, calm and focus the mind, and create an auspicious, sattvic atmosphere. It is practised as an act of bhakti (devotion) rather than for any guaranteed material outcome.
When should the Lord Narasimha 108 Names be recited?
The Lord Narasimha 108 Names can be recited during daily morning or evening worship of Narasimha, and especially on the deity's sacred days and festivals. A clean, quiet space and a steady, devotional mind are the main requirements.