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भगवान शिव — महाशिवरात्रि
भगवान शिव — महाशिवरात्रि

शिवरात्रि व्रत विधि (डोगरी)

Last updated: 14 June 2026

डोगरी परंपरा च महाशिवरात्रि दे व्रत दी पूरी विधि। जम्मू दे डुग्गर क्षेत्र च शिवरात्रि विशेष रूप कन्नै मनाई जंदी ऐ, खास करी सुध महादेव मंदर ते पुरमंडल मेले च। इस व्रत च चारें प्रहर दी पूजा, रुद्राभिषेक ते जागरण शामल न।

Occasion

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (फरवरी–मार्च)

Muhurat

निशीथ काल — रात दे 12:00 AM दे आसपास (शिव मंदर दे पुजारी कोला पक्की करो)

Puja Samagri (Items Required)

  • बेलपत्र (तिन्नें पत्तें आला)
  • धतूरे दे फूल
  • आक दे फूल
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
  • गंगाजल / पवित्तर जल
  • भांग, भभूत (विभूति)
  • श्वेत चंदन
  • काले तिल
  • दीवे, अगरबत्ती, कपूर
  • डोगरी रोट (व्रत दा प्रसाद)

Puja Procedure — Steps

Step 1

व्रत संकल्प — शिवरात्रि दे दिन सवेरे

सवेरे सूर्योदय थमां पैहले नहा-धोई करो। शिव मंदर च जाई करी व्रत दा संकल्प लओ। सारा दिन निराहार रहो — पानी पी सकदे ओ।

Step 2

पहली प्रहर पूजा — सूर्यास्त दे बाद

शिवलिंग गी पंचामृत कन्नै नहाओ। बेलपत्र, धतूरे दे फूल ते आक दे फूल चढ़ाओ। 'ओम नमः शिवाय' 108 वार जपो। दीवा बालो।

Step 3

दूजी प्रहर पूजा — रात दे 9:00 PM

फिर पंचामृत अभिषेक करो। चंदन ते भभूत लगाओ। शिव पुराण दी कहानी सुणो। रुद्राष्टक पाठ करो।

Step 4

तीजी प्रहर पूजा — रात दे 12:00 AM (निशीथ काल)

इह् सारें शा महत्वपूर्ण पूजा ऐ। गंगाजल कन्नै अभिषेक करो। 'शिव स्तुति' ते 'डोगरी शिव भजन' गाओ। जागरण रखो।

Step 5

चौथी प्रहर पूजा — सवेरे 3:00–4:00 AM

अंतिम रुद्राभिषेक करो। आरती करो। 'हर हर महादेव' दा घोश करो।

Step 6

पारण — अगले दिन सूर्योदय दे बाद

सूर्योदय दे बाद पारण करो। पैहले प्रसाद ग्रहण करो, फिर डोगरी व्रत दा खाना — फल, राजगिरा दी रोटी, सेंधा नमक दी खिचड़ी।

Main Mantra

ओम नमः शिवाय

ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

श्री शिव चालीसा

Benefits of this Puja

पाप मोचन, मोक्ष प्राप्ति, इच्छा पूर्ति, भगवान शिव दी विशेष कृपा

Important Notes

• सुध महादेव मंदर (पटनीटॉप) च शिवरात्रि बड्डे धूम-धाम कन्नै मनाई जंदी ऐ • पुरमंडल मेला (देविका नदी दे कंडे) — डुग्गर दी छोटी काशी • डोगरी परंपरा च रात दा जागरण अनिवार्य ऐ • काले तिल दान करना शिव गी बेहद पसंद ऐ

अक्सर पुच्छे जाने आह्ले सोआल

शिवरात्रि व्रत विधि (डोगरी) कदूं कीती जंदी ऐ ते शुभ मुहूर्त केह् ऐ?

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (फरवरी–मार्च) — निशीथ काल — रात दे 12:00 AM दे आसपास (शिव मंदर दे पुजारी कोला पक्की करो)

शिवरात्रि व्रत विधि (डोगरी) आस्तै केड़ी पूजा सामग्री चाहिदी ऐ?

बेलपत्र (तिन्नें पत्तें आला), धतूरे दे फूल, आक दे फूल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), गंगाजल / पवित्तर जल, भांग, भभूत (विभूति), श्वेत चंदन, काले तिल, दीवे, अगरबत्ती, कपूर, डोगरी रोट (व्रत दा प्रसाद)

शिवरात्रि व्रत विधि (डोगरी) च केड़ा मंत्र जपेआ जंदा ऐ?

ओम नमः शिवाय ओम त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् श्री शिव चालीसा

शिवरात्रि व्रत विधि (डोगरी) करने कन्नै केह् लाभ मिलदे न?

पाप मोचन, मोक्ष प्राप्ति, इच्छा पूर्ति, भगवान शिव दी विशेष कृपा

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