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शुभ मुहूर्त

हर शुभ कार्य के लिए सही समय जानें — विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण, मुंडन, सोना व वाहन खरीदना, व्यापार आरंभ और बहुत कुछ।

अंतिम अपडेट: جوٗن ۱۴, ۲۰۲۶

संस्कार व जीवन-घटना मुहूर्त

💍

विवाह मुहूर्त

विवाह की शुभ तिथियाँ, नक्षत्र व वर्जित अवधि

💑

सगाई मुहूर्त

सगाई व अंगूठी रस्म का शुभ समय

🏠

गृह प्रवेश मुहूर्त

गृह प्रवेश की शुभ तिथियाँ व तीन प्रकार

👶

नामकरण मुहूर्त

शिशु नामकरण का शुभ दिन, तिथि व नक्षत्र

✂️

मुंडन मुहूर्त

मुंडन संस्कार की सही आयु, नक्षत्र व नियम

🍚

अन्नप्राशन मुहूर्त

अन्नप्राशन की आयु व शुभ समय

🧵

जनेऊ (उपनयन) मुहूर्त

यज्ञोपवीत संस्कार: आयु, माह व नक्षत्र

📖

विद्यारंभ मुहूर्त

बच्चे की शिक्षा आरंभ का शुभ मुहूर्त

👂

कर्णवेध मुहूर्त

कर्णवेध संस्कार की आयु व शुभ समय

🤰

गोद भराई मुहूर्त

सीमंतोन्नयन (गोद भराई) का शुभ समय

खरीद व व्यापार मुहूर्त

🥇

सोना खरीदने का मुहूर्त

अक्षय तृतीया, धनतेरस व पुष्य पर सोना खरीदने का समय

🚗

वाहन खरीदने का मुहूर्त

कार या बाइक खरीदने के शुभ दिन व नक्षत्र

🧱

भूमि पूजन व संपत्ति मुहूर्त

भूमि पूजन, प्लॉट व संपत्ति खरीद का समय

🏪

व्यापार व दुकान मुहूर्त

व्यापार आरंभ या दुकान खोलने का शुभ समय

शुभ योग व वर्जित अवधि

गुरु पुष्य योग

गुरुवार को पुष्य नक्षत्र — सोना व नए कार्य हेतु श्रेष्ठ

☀️

रवि पुष्य योग

रविवार को पुष्य नक्षत्र — खरीदारी हेतु अति शुभ

🌟

सर्वार्थ सिद्धि योग

"सभी कार्य सिद्ध करने वाला" वार–नक्षत्र योग

🚫

गुरु / शुक्र तारा अस्त

गुरु व शुक्र अस्त — जब विवाह आदि वर्जित होते हैं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुभ मुहूर्त क्या होता है?

शुभ मुहूर्त वह श्रेष्ठ समय है जो वैदिक पंचांग की सहायता से चुना जाता है ताकि कोई महत्वपूर्ण कार्य — विवाह, गृहप्रवेश, नामकरण या खरीदारी — तिथि, नक्षत्र, वार, योग व लग्न के अनुकूल संयोग में और राहु काल व भद्रा जैसे अशुभ काल से रहित होकर आरंभ हो।

मुहूर्त के समय नगर के अनुसार क्यों बदलते हैं?

मुहूर्त की अवधि सूर्योदय, सूर्यास्त व चंद्र की स्थिति से निकाली जाती है, जो देशांतर व अक्षांश के अनुसार बदलती है। दिल्ली में जो मुहूर्त जिस समय आरंभ होता है, मुंबई, चेन्नई या कोलकाता में वह कुछ मिनट पहले या बाद आरंभ होगा — इसलिए सदैव अपने नगर का समय सुनिश्चित करें।

राहु काल व भद्रा क्या हैं, और इन्हें क्यों टालें?

राहु काल प्रतिदिन लगभग 90 मिनट की अवधि है जिस पर छाया-ग्रह राहु का स्वामित्व है और जिसे नया कार्य आरंभ करने हेतु अशुभ माना जाता है। भद्रा (विष्टि करण) बाधाओं से जुड़ी अवधि है। अच्छे दिन में भी मुहूर्त इन अवधियों से बाहर चुना जाता है।

"अबूझ" मुहूर्त क्या होता है?

अबूझ (या स्वयंसिद्ध) मुहूर्त वह स्वतः शुभ दिन है जिस पर बिना ज्योतिषी से पूछे पूरा दिन शुद्ध माना जाता है — जैसे अक्षय तृतीया, विजयादशमी, गुड़ी पड़वा व वसंत पंचमी। जब व्यक्तिगत मुहूर्त निकालने का समय न हो तब ये आदर्श होते हैं।

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शुभ मुहूर्त 2026 — विवाह, गृहप्रवेश, सोना व वाहन खरीदने का मुहूर्त | वेदकोश