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तेनाली राम की बुद्धि

Tenali Rama and the Rare Brinjal

तेनाली राम अपने बीमार बेटे के लिए राजा का दुर्लभ बैंगन चुराते हैं और अपनी चतुराई से सज़ा से बच जाते हैं।

विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के दरबार में तेनाली राम सबसे चतुर मंत्री थे। उनकी बुद्धि के किस्से पूरे राज्य में मशहूर थे।

राजा कृष्णदेव राय को बागवानी का बहुत शौक था। एक बार उन्हें दूर देश से एक बहुत दुर्लभ बैंगन का पौधा मिला। यह बैंगन सुनहरे रंग का था और बहुत स्वादिष्ट बताया जाता था। राजा ने उसे अपने शाही बगीचे में लगवाया और सख्त आदेश दिया — "कोई भी इस बैंगन को हाथ नहीं लगाएगा। जिसने चुराया, उसे कड़ी सज़ा मिलेगी!"

उसी समय तेनाली राम का छोटा बेटा बहुत बीमार पड़ गया। वैद्य ने कहा, "इस बीमारी का इलाज एक विशेष बैंगन से बनी दवा है।" तेनाली को पता था कि वैसा बैंगन केवल राजा के बगीचे में है।

तेनाली ने बेटे की जान बचाने के लिए रात को चुपके से बगीचे में जाकर कुछ बैंगन तोड़ लिए। वैद्य ने दवा बनाई और बेटा ठीक हो गया। पर सुबह माली ने देखा कि बैंगन गायब हैं! राजा बहुत क्रोधित हुए।

राजा ने दरबार में तेनाली को बुलाया। "तेनाली! तुमने मेरे आदेश की अवहेलना की!"

तेनाली राम ने हाथ जोड़कर कहा, "महाराज, मैंने अपराध किया है। पर मेरा बेटा मर रहा था। एक पिता के लिए बच्चे से बड़ा कोई खज़ाना नहीं। और महाराज, आप तो पूरी प्रजा के पिता हैं — आप इस पिता का दर्द ज़रूर समझेंगे।"

फिर तेनाली ने चतुराई से कहा, "महाराज, उन बैंगनों से मेरे बेटे ने जो दवा खाई, उससे वह ठीक हुआ। इसका मतलब यह बैंगन सचमुच चमत्कारी है। अगर इसे पूरे राज्य में उगाया जाए तो कितने बीमार लोग ठीक हो सकते हैं! आपका नाम अमर हो जाएगा!"

राजा का गुस्सा पिघल गया। उन्होंने मुस्कुराकर कहा, "तेनाली, तुम हर बार बुद्धि से जीत जाते हो!" राजा ने तेनाली को माफ़ कर दिया और बैंगन के बीज पूरे राज्य में बँटवा दिए।

🌟 कहानी की सीख

बुद्धिमान व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थिति से भी रास्ता निकाल लेता है।

Wit and quick thinking can turn any tricky situation around.

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Tenali Rama and the Rare Brinjal - तेनाली राम की बुद्धि Kids Story | VedKosh