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🐊Panchatantra📖 4 min read

बंदर और मगरमच्छ

The Monkey and the Crocodile

पंचतंत्र की कहानी — मगरमच्छ बंदर से दोस्ती का नाटक करता है, पर चतुर बंदर उसकी चाल को मात देता है।

एक नदी के किनारे एक बड़ा सा जामुन का पेड़ था। उस पेड़ पर एक बंदर रहता था। बंदर बहुत खुशमिज़ाज था — दिनभर पेड़ पर उछलता-कूदता और मीठे-मीठे जामुन खाता।

उसी नदी में एक मगरमच्छ रहता था। एक दिन मगरमच्छ पेड़ के नीचे आया। बंदर ने देखा और बोला, "अरे भाई, रुको, मैं तुम्हें जामुन खिलाता हूँ!" बंदर ने ढेर सारे रसीले जामुन तोड़कर नीचे गिराए। उस दिन से दोनों में दोस्ती हो गई।

रोज़ मगरमच्छ आता, बंदर जामुन खिलाता, दोनों बातें करते। मगरमच्छ कुछ जामुन अपनी पत्नी के लिए भी ले जाता। पत्नी ने जामुन खाए और सोचने लगी, "जो बंदर रोज़ ये खाता है उसका दिल कितना मीठा होगा! मुझे बंदर का दिल खाना है!"

पत्नी ने मगरमच्छ से कहा, "मुझे बंदर का दिल चाहिए।" मगरमच्छ बहुत दुखी हुआ — एक तरफ़ दोस्त, दूसरी तरफ़ पत्नी। पर अंत में वह पत्नी की बात मानकर बंदर को फँसाने चला।

मगरमच्छ ने बंदर से कहा, "दोस्त, मेरी पत्नी तुमसे मिलना चाहती है। चलो मेरी पीठ पर बैठो।"

बंदर खुशी-खुशी मगरमच्छ की पीठ पर बैठ गया। जब वे नदी के बीच में पहुँचे, तो मगरमच्छ ने पानी में गोता लगाना शुरू किया। बंदर डरा और बोला, "ये क्या कर रहे हो?"

मगरमच्छ ने सच बता दिया, "दोस्त, मेरी पत्नी को तुम्हारा दिल चाहिए।"

बंदर का दिल धक से रह गया, पर वह बहुत चतुर था। उसने तुरंत कहा, "अरे! ये बात पहले बताते! मैं तो अपना दिल पेड़ पर ही छोड़ आया हूँ। बंदर अपना दिल हमेशा पेड़ पर रखते हैं। चलो वापस चलो, मैं दिल लेकर आता हूँ।"

मूर्ख मगरमच्छ ने यकीन कर लिया और वापस किनारे की तरफ़ तैरा। जैसे ही किनारा आया, बंदर कूदकर पेड़ पर चढ़ गया और बोला, "मूर्ख! दिल कहीं शरीर से बाहर रहता है? तुमने दोस्ती तोड़ी, तो अब कभी मेरे पास मत आना!"

मगरमच्छ शर्मिंदा होकर चला गया।

🌟 कहानी की सीख

संकट के समय बुद्धि से काम लेना चाहिए।

Stay calm in danger. Presence of mind is your greatest weapon.

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The Monkey and the Crocodile - बंदर और मगरमच्छ Kids Story | VedKosh