कार्तिकेय
भगवान कार्तिकेय की आरती
भगवान कार्तिकेय की यह आरती युद्ध विजय और ज्ञान के देव के प्रति समर्पित है।
Hindi Lyrics (मूल पाठ)
ओम जय शिव कुमारा, स्वामी जय शिव कुमारा। पार्वती नन्दन, तुम हो प्राण-अधारा॥ ओम जय शिव कुमारा॥ मोर की सवारी साजे, सुन्दर रूप तुम्हारा। हाथ में भाला सोहे, कार्तिकेय कुमारा॥ ओम जय शिव कुमारा॥ तारकासुर को मारा, देवों को उबारा। धर्म रक्षक स्वामी, संकट भंजन हारा॥ ओम जय शिव कुमारा॥ छः हैं शीश तुम्हारे, छः मुख के धारी। ग्यारह रुद्र अवतार, महिमा है भारी॥ ओम जय शिव कुमारा॥ दक्षिण में पूजे जाते, मुरुगन अवतारी। ज्ञान और बल के सागर, शिव के दुलारे॥ ओम जय शिव कुमारा॥ कार्तिकेय की आरती, जो कोई जन गावे। कहत भक्त जन स्वामी, सुख-सम्पत्ति पावे॥ ओम जय शिव कुमारा॥