Narasimha — Raksha Stotram

Narasimha Kavacham

From Brahma Vaivarta Purana — Supreme protection shield mantra for Narasimha Jayanti and daily chanting

✨ Benefits of Narasimha Kavacham

  • Protection from evil spirits, negative energies, and malevolent forces
  • Relief from planetary afflictions — especially Rahu-Ketu dosha
  • Freedom from enemies, legal fears, and royal displeasure
  • Cure of 32 types of diseases
  • Liberation (moksha) at the time of death
🕉️ When to chant: Narasimha Jayanti (Vaishakh Shukla Chaturdashi), every Shukla Chaturdashi, Saturdays, or whenever facing fear, enemy trouble, or planetary afflictions.

📖 Sanskrit Lyrics

॥ श्री नृसिंह कवचम् ॥ (ब्रह्म वैवर्त पुराण) श्री गणेशाय नमः। नारद उवाच — भगवन् सर्वधर्मज्ञ सर्वशास्त्रविशारद। नृसिंहस्य च यत्कवचं सर्वरक्षाकरं परम् ॥१॥ ब्रह्मोवाच — श्रृणु नारद वक्ष्यामि कवचं सर्वरक्षणम्। भूतप्रेतपिशाचेभ्यो राक्षसेभ्यश्च रक्षणम् ॥२॥ ॐ नृसिंहः पातु मे शीर्षं ललाटं नारसिंहकः। लोचने पातु देवेशः श्रोत्रे पातु महाबलः ॥३॥ नासां पातु सुरश्रेष्ठः मुखं पातु जनार्दनः। दन्तान् पातु महाशक्तिः जिह्वां पातु रमापतिः ॥४॥ कण्ठं पातु च वैकुण्ठः स्कन्धौ पातु त्रिविक्रमः। भुजौ पातु च विश्वेशः करौ पातु सुरेश्वरः ॥५॥ हृदयं पातु हृषीकेशः उदरं सुरपूजितः। कटिं पातु श्रियः पतिः नाभिं पातु नराधिपः ॥६॥ गुह्यं पातु हरिः साक्षात् ऊरू पातु च केशवः। जानुनी पातु चक्रेशः जङ्घे पातु च माधवः ॥७॥ पादौ पातु च पद्मेशः सर्वाङ्गं पातु सर्वदा। इत्येतत्कवचं पुण्यं नृसिंहस्य महात्मनः ॥८॥ यः पठेच्छृणुयाद्वापि सर्वपापैः प्रमुच्यते। न तस्य ग्रहजं पापं न भूतभयमाश्रयेत् ॥९॥ राजचौरभयं नास्ति न दुर्भिक्षभयं क्वचित्। अष्टद्वात्रिंशता रोगाः शमं यान्ति न संशयः ॥१०॥ पुत्रपौत्रसमायुक्तो सुखी भवति सर्वदा। अन्ते च मृत्युसमये नृसिंहं संस्मरन् शुचिः ॥११॥ मुक्तिं प्राप्नोति निश्चित्य नात्र कार्या विचारणा। इति श्री ब्रह्म वैवर्त पुराणे नारद-ब्रह्म-संवादे श्री नृसिंह कवचम् सम्पूर्णम् ॥ ॥ ॐ नमो भगवते नृसिंहाय ॥ ॥ इति श्री नृसिंह कवचम् ॥

📘 Hindi Meaning

श्री नृसिंह कवचम् — हिंदी भावार्थ नारद जी ने पूछा — हे भगवन्! हे सर्वधर्मज्ञ! हे समस्त शास्त्रों के विशेषज्ञ! कृपया नृसिंह भगवान का वह कवच बताइए जो सर्वश्रेष्ठ और सर्वरक्षाकारी हो। ब्रह्मा जी ने कहा — हे नारद! सुनो, मैं वह कवच बताता हूँ जो सभी की रक्षा करता है — भूत, प्रेत, पिशाच और राक्षसों से रक्षा करने वाला। ॥ कवच — अंग-रक्षा ॥ — नृसिंह मेरे मस्तक की, नारसिंहक मेरे ललाट की रक्षा करें। — देवेश मेरे नेत्रों की, महाबल मेरे कानों की रक्षा करें। — सुरश्रेष्ठ मेरी नासिका की, जनार्दन मेरे मुख की रक्षा करें। — महाशक्ति मेरे दांतों की, रमापति मेरी जीभ की रक्षा करें। — वैकुण्ठ मेरे कंठ की, त्रिविक्रम मेरे कंधों की रक्षा करें। — विश्वेश मेरी भुजाओं की, सुरेश्वर मेरे हाथों की रक्षा करें। — हृषीकेश मेरे हृदय की, सुरपूजित मेरे उदर की रक्षा करें। — श्रियः पति मेरी कटि की, नराधिप मेरी नाभि की रक्षा करें। — साक्षात् हरि मेरे गुह्य भाग की, केशव मेरी जंघाओं की रक्षा करें। — चक्रेश मेरे घुटनों की, माधव मेरी पिंडलियों की रक्षा करें। — पद्मेश मेरे पैरों की और सर्वांग की सदा रक्षा करें। ॥ फलश्रुति ॥ यह नृसिंह भगवान का पवित्र कवच है। जो इसे पढ़ता है या सुनता है, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है। उसे ग्रहजनित पाप नहीं लगता, भूत-भय नहीं सताता। राजा और चोर का भय नहीं, अकाल का भय नहीं। 32 प्रकार के रोग शांत हो जाते हैं। पुत्र-पौत्र सहित सुखी जीवन मिलता है। अंत समय में नृसिंह का स्मरण करते हुए शुद्ध चित्त से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
Narasimha Kavacham Lyrics in Hindi & Sanskrit — Powerful Protection Stotram | VedKosh