रत्न ज्योतिष
गुरुवार को पुखराज धारण विधि
बृहस्पति का रत्न — धन, विद्या और विवाह का कारक
धातु
सोना (Gold) — पहली पसंद। चांदी भी चलेगी।
उंगली
तर्जनी (Index) या अनामिका (Ring) — दाहिने हाथ में
वजन
कम से कम 3-5 रत्ती (0.6–1 ग्राम)
गुणवत्ता
कश्मीरी, श्रीलंकाई या बर्मी पुखराज सर्वोत्तम
मंत्र
ॐ बृं बृहस्पतये नमः
दिन
गुरुवार, शुक्ल पक्ष, प्रातः काल
पुखराज धारण विधि — क्रमशः
1गुरुवार को प्रातः 5:00–8:00 बजे के बीच पहनें (शुभ काल)
2पहले रात भर कच्चे दूध में पुखराज भिगोएं
3सुबह गंगाजल से धोकर पीले कपड़े पर रखें
4धूप और दीप जलाएं, गुरु को प्रणाम करें
5ॐ बृं बृहस्पतये नमः का 108 बार जाप करें
6दाहिने हाथ की तर्जनी (Index) या अनामिका उंगली में पहनें
7पहनते समय मंत्र जाप करते रहें
8पहनने के बाद केले या चने की दाल का दान करें
किसे पहनना चाहिए — राशि अनुसार
✓
धनु (Sagittarius) — पुखराज स्वामी राशि — सर्वाधिक लाभ
✓
मीन (Pisces) — पुखराज स्वामी राशि — अत्यंत लाभकारी
✓
मेष (Aries) — बृहस्पति 9वें और 12वें — शुभ
✓
कर्क (Cancer) — बृहस्पति 9वें और 6वें — लाभकारी
⚠
सिंह (Leo) — बृहस्पति 5वें और 8वें — सावधानी से
⚠
वृश्चिक (Scorpio) — सावधानी से पहनें, ज्योतिषी से परामर्श
✗
मिथुन (Gemini) — नहीं पहनना चाहिए — बृहस्पति शत्रु
✗
तुला (Libra) — सामान्यतः वर्जित — ज्योतिषी से परामर्श