ग्रहण दोष2026

🌑 सूर्य-राहु युति 2026 — ग्रहण दोष प्रभाव और सुरक्षा उपाय

जब सूर्य और राहु एक ही राशि में 30° के भीतर आते हैं, तो "ग्रहण योग" बनता है — सूर्य की शक्ति राहु के छाया-प्रभाव से अवरुद्ध होती है। 2026 में अप्रैल-मई यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।

📅 2026 सूर्य-राहु युति काल

अप्रैल 12 – मई 14, 2026उच्च प्रभावमेष (Aries)
सूर्य की मेष राशि में उच्च स्थिति पर राहु का असर — अहंकार संघर्ष, करियर में अचानक बदलाव
अक्टूबर 2026 (अनुमानित)मध्यम प्रभावतुला (Libra)
संबंधों में भ्रम, साझेदारी में दोष — सावधान रहें

🏠 भाव अनुसार प्रभाव

1st भाव (लग्न)स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव, व्यक्तित्व में भ्रम, आत्मविश्वास की कमी
4th भाव (घर)पारिवारिक तनाव, माता को कष्ट, घर में अशांति
5th भाव (संतान)संतान को स्वास्थ्य कष्ट, पढ़ाई में रुकावट
9th भाव (भाग्य)पिता को कष्ट, धार्मिक कार्यों में बाधा
10th भाव (करियर)करियर में अचानक बदलाव, बॉस से विवाद, पदावनति का भय
12th भाव (व्यय)अनावश्यक खर्च, विदेश में समस्या

✅ 6 सुरक्षा उपाय

ग्रहण दोष सुरक्षा चेकलिस्ट

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  • रविवार को तांबे के पात्र से सूर्य अर्घ्य दें
    मंत्र: ॐ सूर्याय नमः, ॐ हृं हृं सूर्याय नमः
  • दोपहर में दर्पण के सामने न बैठें
    राहु दोपहर में सक्रिय होता है
  • रविवार को काले तिल और गेहूं एक साथ दान करें
  • नवग्रह पूजा करें — सूर्य और राहु दोनों की
    मंदिर में या घर में
  • युति की तिथि पर नया काम, नई शुरुआत न करें
  • आदित्य हृदयम् का 3 बार पाठ करें
    सूर्योदय के समय, 21 दिनों तक
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