ज्योतिष • ग्रह युति

शुक्र-केतु युति 2026

शुक्र (Venus) = प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख। केतु = आध्यात्मिकता, मोक्ष, अलगाव। इन दोनों का मेष राशि में संयोग 2026 में एक अद्भुत परंतु जटिल ऊर्जा बनाता है — भौतिक इच्छाओं में अनिश्चितता, आध्यात्मिक गहराई में वृद्धि।

अवधि

मार्च 2026 — मई 2026

राशि

मेष (Aries)

मुख्य प्रभाव

भौतिक इच्छाओं से आध्यात्मिक विरक्ति

जीवन के क्षेत्रों पर प्रभाव

विवाह और रिश्ते

अस्थिरता, बात-चीत में रुकावट

मध्यम

व्यापार और धन

अनिश्चितता, नए निर्णय लेने में कठिनाई

उच्च

आध्यात्मिक विकास

साधना, ध्यान में असाधारण प्रगति

बहुत शुभ

सौंदर्य और फैशन

पुरानी रुचियाँ बदलेंगी

सामान्य

कलात्मक प्रतिभा

आध्यात्मिक कला में नई ऊंचाई

शुभ

5 प्रभावी उपाय

केतु शांति

शनिवार

शनिवार को कुत्ते को रोटी खिलाएं। केतु दोष कम होगा।

शुक्र बलिष्ठ करें

शुक्रवार

शुक्रवार को माँ लक्ष्मी को सफेद फूल और घी का दीपक।

ध्यान और योग

प्रतिदिन

केतु + शुक्र का संयोग ध्यान के लिए श्रेष्ठ है। प्रतिदिन 20 मिनट ध्यान करें।

लाल मूँगा त्याग

संपूर्ण युति काल

इस अवधि में लाल मूँगा न पहनें — शुक्र-केतु के साथ मंगल ऊर्जा विरोधी है।

चाँदी धारण

शुक्रवार को धारण

शुक्र को मजबूत करने के लिए चाँदी की अंगूठी दाहिनी मध्यमा उंगली में पहनें।

राशि-अनुसार प्रभाव

मेष

उच्च

प्रत्यक्ष प्रभाव — रिश्ते और धन दोनों अस्थिर

वृषभ / तुला

मध्यम

शुक्र के स्वामी राशि — सतर्कता आवश्यक

मिथुन / कन्या

सामान्य

बुध की मध्यस्थता से कम प्रभाव

कर्क

सामान्य

चंद्र ऊर्जा स्थिरता देती है

सिंह

मध्यम

अहंकार और आध्यात्मिकता में संघर्ष

धनु / मीन

शुभ

गुरु की दृष्टि से संयोग शुभ बनता है

शुक्र-केतु युति 2026 — संयोग प्रभाव और उपाय | वेदकोश | VedKosh