Sarvaṁ khalv idaṁ brahma || (Chāndogya Upaniṣad 3.14.1)
사르밤 칼브 이담 브라흐마 || (찬도기야 우파니샤드 3.14.1)
EN: All this, indeed, is Brahman.
वैदिक ज्ञान परिचय
आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः
Aano bhadra krtavo yantu vishwatah
"हमारे पास सभी दिशाओं से शुभ विचार आएँ।"
— Rig Veda 1.89.1
विश्व का सबसे प्राचीन और पवित्र ज्ञान-भण्डार — 4 वेद, 10 प्रमुख उपनिषद्, 6 वेदाङ्ग और 4 महावाक्य।
वेद संस्कृत के "विद्" धातु से बने हैं, जिसका अर्थ है "जानना"। ये हिन्दू धर्म के सबसे प्राचीन और प्रामाणिक ग्रन्थ हैं। वेद अपौरुषेय हैं — अर्थात् किसी मानव द्वारा रचित नहीं, बल्कि ऋषियों को ध्यान में प्रकट हुए दिव्य ज्ञान हैं।
श्रुति
"श्रुति" = "सुना हुआ" — वेद और उपनिषद्। ईश्वरीय प्रकाशन; सर्वोच्च प्रमाण।
स्मृति
"स्मृति" = "याद किया हुआ" — पुराण, महाभारत, रामायण, मनुस्मृति। श्रुति पर आधारित।
प्रत्येक वेद का एक परम वाक्य — ब्रह्म और आत्मा की एकता का उद्घोष
प्रज्ञानं ब्रह्म
Prajnanam Brahma
चेतना ही ब्रह्म है
ऋग्वेद
Aitareya Upanishad 3.3
अहं ब्रह्मास्मि
Aham Brahmasmi
मैं ब्रह्म हूँ
यजुर्वेद
Brihadaranyaka Upanishad 1.4.10
तत् त्वम् असि
Tat tvam asi
तुम वही हो (आत्मा = ब्रह्म)
सामवेद
Chandogya Upanishad 6.8.7
अयमात्मा ब्रह्म
Ayam Atma Brahma
यह आत्मा ब्रह्म है
अथर्ववेद
Mandukya Upanishad 2
आदि शंकराचार्य द्वारा भाष्य सहित स्वीकृत — वेदान्त-दर्शन के आधार-स्तम्भ
Isha Upanishad
ईशोपनिषद्
शुक्ल यजुर्वेद · 18 श्लोक
सन्यास और कर्म — सब ईश्वर में है
Kena Upanishad
केनोपनिषद्
सामवेद · 35 श्लोक
जिसके द्वारा मन सोचता है — वह ब्रह्म है
Katha Upanishad
कठोपनिषद्
कृष्ण यजुर्वेद · 119 श्लोक
नचिकेता और यम — मृत्यु और अमरत्व का रहस्य
Prashna Upanishad
प्रश्नोपनिषद्
अथर्ववेद · 67 श्लोक
जीवन और प्राण की प्रकृति पर 6 प्रश्न
Mundaka Upanishad
मुण्डकोपनिषद्
अथर्ववेद · 64 श्लोक
परा विद्या (ब्रह्मज्ञान) और अपरा विद्या का भेद
Mandukya Upanishad
माण्डूक्योपनिषद्
अथर्ववेद · 12 श्लोक
OM — चार अवस्थाएँ: जागृत, स्वप्न, सुषुप्ति, तुरीय
Taittiriya Upanishad
तैत्तिरीयोपनिषद्
कृष्ण यजुर्वेद · 50 श्लोक
पंचकोश और आनन्द ही ब्रह्म है
Aitareya Upanishad
ऐतरेयोपनिषद्
ऋग्वेद · 33 श्लोक
चेतना ही ब्रह्म है — प्रज्ञानं ब्रह्म
Chandogya Upanishad
छान्दोग्योपनिषद्
सामवेद · 628 श्लोक
"तत् त्वम् असि" — उद्दालक-श्वेतकेतु संवाद
Brihadaranyaka Upanishad
बृहदारण्यकोपनिषद्
शुक्ल यजुर्वेद · 435 श्लोक
सबसे बड़ा उपनिषद् — याज्ञवल्क्य संवाद, आत्मा, ब्रह्म और पुनर्जन्म
वेदों के अध्ययन और पालन के लिए सहायक शास्त्र
Shiksha (शिक्षा)
उच्चारण-शास्त्र
Kalpa (कल्प)
अनुष्ठान-विधि
Vyakarana (व्याकरण)
व्याकरण (पाणिनि की अष्टाध्यायी)
Nirukta (निरुक्त)
शब्द-व्युत्पत्ति
Chhandas (छन्दस्)
छन्द-शास्त्र
Jyotisha (ज्योतिष)
खगोल-शास्त्र और मुहूर्त
वेदों की गहराई में उतरें — भगवद्गीता और रामायण से शुरू करें
Introduction to the Four Vedas and the Upanishads — Foundational Scriptures of Sanatana Dharma
4대 베다(리그·야주르·사마·아타르바)는 산타나 다르마의 가장 오래된 경전(슈루티)으로, 현자들이 깊은 명상 중에 '본'(드리슈티) 영원한 진리입니다. 우파니샤드는 베다의 마지막 부분(베단타)으로, 브라흐만(궁극 실재)과 아트만(개별 자아)의 동일성을 설명합니다. 한국 수행자에게 베다는 만트라와 의식의 원천을, 우파니샤드는 명상과 자아 탐구(아트마 비차라)의 길을 제공합니다.
Sarvaṁ khalv idaṁ brahma || (Chāndogya Upaniṣad 3.14.1)
사르밤 칼브 이담 브라흐마 || (찬도기야 우파니샤드 3.14.1)
EN: All this, indeed, is Brahman.
Tat tvam asi || (Chāndogya Upaniṣad 6.8.7)
타트 트밤 아시 || (찬도기야 우파니샤드 6.8.7)
EN: That thou art. (You are That — the individual self is Brahman.)
The Four Vedas
리그 베다 — 1,028개 찬가 (가장 오래된 텍스트). 야주르 베다 — 의식 절차와 슈리 루드람. 사마 베다 — 선율 찬가. 아타르바 베다 — 일상 만트라와 치유. 각각 삼히타·브라흐마나·아라니야카·우파니샤드의 4부분으로 구성됩니다.
The 108 Upanishads — 10 Principal Ones
무크티카 우파니샤드는 108개를 열거합니다. 아디 샹카라가 주석한 10대 우파니샤드는 이샤·케나·카타·프라슈나·문다카·만두키야·타이티리야·아이타레야·찬도기야·브리하다란야카입니다.
Mahavakyas — The Great Declarations
4대 우파니샤드 마하바키야: 1) 프라즈냐남 브라흐마 (의식이 브라흐만이다 — 아이타레야). 2) 아얌 아트마 브라흐마 (이 자아가 브라흐만이다 — 만두키야). 3) 타트 트밤 아시 (그것이 그대다 — 찬도기야). 4) 아함 브라흐마스미 (나는 브라흐만이다 — 브리하다란야카).
Study Path for Korean Seekers
1단계: 이샤바스야 우파니샤드 (18구 — 가장 짧음). 2단계: 카타 우파니샤드 (나치케타스와 야마의 대화). 3단계: 만두키야 우파니샤드 (12구 — 옴 명상). 4단계: 찬도기야 6장 (타트 트밤 아시). 매일 새벽 5분 묵상으로 시작하세요.
출처: 찬도기야·브리하다란야카·카타·만두키야 우파니샤드; 아디 샹카라차리야 주석 (8세기)
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