अनुष्ठान

🔱 सोमवार व्रत विधि और कथा 2026

सोमवार भगवान शिव और चंद्रमा का दिन है। इस दिन व्रत रखने से शिव कृपा, मानसिक शांति और जीवन में सौभाग्य प्राप्त होता है।

🌿 सावन सोमवार 2026 — विशेष तिथियां

सावन माह के सोमवारों पर शिव पूजा का फल सामान्य सोमवार से 500 गुना अधिक होता है।

पहला सावन सोमवार
13 जुलाई 2026 (सोम)
दूसरा सावन सोमवार
20 जुलाई 2026 (सोम)
तीसरा सावन सोमवार
27 जुलाई 2026 (सोम)
चौथा सावन सोमवार
3 अगस्त 2026 (सोम)
पांचवां सावन सोमवार
10 अगस्त 2026 (सोम)

त्वरित तथ्य

  • देवता: भगवान शिव (सोमेश्वर) और चंद्रमा
  • प्रतिफल: मानसिक शांति, स्वास्थ्य, विवाह सौभाग्य
  • व्रत समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक (या त्रयोदशी तक)
  • सबसे पवित्र: सावन के सोमवार (जुलाई–अगस्त 2026)

🪔 सोमवार व्रत पूजा विधि (चरण-दर-चरण)

  1. प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त (4–6 बजे) में उठकर स्नान करें
  2. स्वच्छ सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करें
  3. शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल से अभिषेक करें
  4. बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और चंदन से पूजन करें
  5. "ॐ नमः शिवाय" का 108 बार जाप करें
  6. सोमवार व्रत कथा का श्रवण करें
  7. संध्या को फिर से पूजा कर व्रत खोलें — फलाहार ग्रहण करें

📋 व्रत के नियम (Vrat Niyam)

🔔 सोमवार के मुख्य मंत्र

ॐ नमः शिवाय
Om Namah Shivaya
Salutations to Lord Shiva
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
Om Tryambakam Yajamahe...
Mahamrityunjaya — for health, longevity, liberation
ॐ नमः शिवाय शान्ताय कारणत्रय हेतवे
Om Namah Shivaya Shantaya...
Shiva the peaceful, cause of all three worlds
करचरण कृतं वा कायजं कर्मजं वा
Karacharana Kritam Va...
Prayer for forgiveness of all knowingly and unknowingly committed sins

📖 सोमवार व्रत कथा (संक्षेप)

एक धनी सेठ था जिसके कोई संतान नहीं थी। वह नियमित सोमवार का व्रत रखता था। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने माता पार्वती से कहा कि उसे पुत्र का वरदान दें। माता पार्वती ने कहा — "यह पुत्र 12 वर्ष तक जीएगा।" सेठ ने सुन लिया और व्रत-पूजा और काशी यात्रा जारी रखी। उचित समय पर काशी में शिव कृपा से पुत्र जीवित हो उठा और दीर्घायु हो गया। सोमवार व्रत की महिमा अपार है।

व्रत के लाभ

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