अक्षय तृतीया विशेष
सोने की सक्रियता — शुक्रवार अनुष्ठान
अक्षय तृतीया पर अर्जित समृद्धि को स्थायी बनाएं
शुक्रवार क्यों?
अक्षय तृतीया पर लक्ष्मी की ऊर्जा प्रवेश करती है। पहले शुक्रवार को यह अनुष्ठान "seal" का काम करता है — अर्जित ऊर्जा को घर में स्थायी रूप से बाँधता है। शुक्र ग्रह को धातु, विशेषकर चाँदी और सोना, अत्यंत प्रिय हैं।
पूजा सामग्री
☑ Somvar Puja Checklist
0/8- अक्षय तृतीया पर खरीदा सोना — आभूषण, सिक्का या बिस्कुट
- लाल कपड़ा — सोने को रखने के लिए
- कलश — जल और आम के पत्तों सहित
- कुमकुम, हल्दी और अक्षत
- घी का दीपक — 5 बाती
- कमल या गुलाब के फूल
- खीर — भोग के लिए
- माँ लक्ष्मी की तस्वीर या श्री यंत्र
सोना सक्रियता विधि
स्नान और शुद्धि
शुक्रवार प्रातः स्नान करें। गुलाब जल और गंगाजल मिलाकर पूजा स्थान शुद्ध करें।
सोने की स्थापना
लाल कपड़े पर सोने को रखें। कलश के सामने स्थापित करें।
षोडशोपचार पूजन
"ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः" मंत्र से सोने का पूजन करें। पंचामृत से अभिषेक करें।
दीपक और धूप
घी के 5-बाती दीपक जलाएं। चंदन और गुलाब की धूप करें।
मंत्र जाप
महालक्ष्मी अष्टकम या कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें — 1 या 3 बार।
भोग अर्पण
खीर का भोग चढ़ाएं। बाद में परिवार में प्रसाद बाँटें।
सोने का संकल्प
"यह सोना माँ लक्ष्मी के आशीर्वाद से परिवार की समृद्धि का स्रोत बनेगा" — मन में संकल्प करें।