वैशाख पूर्णिमा (कूर्म जयंती)
☸️ संक्षिप्त जानकारी
Buddha Purnima — birth, enlightenment, and Mahaparinirvana of Gautam Buddha. A day of peace and meditation.
बुद्ध पूर्णिमा — गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण। शांति और ध्यान का दिन।
इस त्योहार के बारे में
वैशाख पूर्णिमा (12 मई 2026) हिन्दू पंचांग के सर्वाधिक पवित्र स्नान-दान तिथियों में से एक है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का पुण्य सौ यज्ञों के समान माना जाता है। यह दिन कूर्म जयंती भी है — भगवान विष्णु के कूर्म (कछुआ) अवतार का प्रकट दिवस। वैष्णव परंपरा में विष्णु के नवम अवतार का स्मरण भी इस पूर्णिमा को किया जाता है।
✨ मुख्य महत्व
- Vaishakha Purnima sacred bath (snan-daan)
- Vishnu Satyanarayan puja
- Kurma Jayanti
- charity (daan)
- Vaishakh Maas culmination
- Tulasi puja
🙏 कैसे मनाएँ
- दिन की शुरुआत संकल्प और छोटी प्रार्थना से करें।
- शामिल करें: Vaishakha Purnima sacred bath (snan-daan).
- शामिल करें: Vishnu Satyanarayan puja.
- शामिल करें: Kurma Jayanti.
- कृतज्ञता, प्रसाद और सकारात्मक संकल्प के साथ समाप्त करें।
May मार्गदर्शन
तपस्या, भक्ति और ग्रीष्म में संतुलित जीवन।
- जलपान और सचेत उपवास
- शास्त्र श्रवण और भजन
- समाज और तीर्थयात्रियों की सेवा