🔮 शापित दोष — शनि-राहु कुंडली दोष
जन्म कुंडली में शनि + राहु एक ही भाव में — पूर्वजन्म के कर्म का श्राप। 2026 में ग्रह संयोजन से यह और तीव्र।
शापित दोष (जन्म कुंडली)
शापित दोष = कुंडली में जन्म से शनि + राहु एक भाव में (पूर्वजन्म श्राप)। स्थायी।
शनि-राहु गोचर (2026)
शनि-राहु गोचर = 2026 में एक राशि में दोनों का अस्थायी संयोग। अस्थायी (1-1.5 वर्ष)।
🔍 5 लक्षण — शापित दोष की पहचान
1.विवाह में विलंब
बार-बार सगाई टूटना, या विवाह के बाद भी अशांति।
2.संतान बाधा
संतान न होना या बार-बार गर्भपात।
3.करियर में अचानक रुकावट
प्रयास करने पर भी तरक्की रुक जाती है।
4.पितृ पक्ष में परेशानी
पितृ पक्ष (श्राद्ध) के समय परिवार में विवाद या रोग।
5.सर्प स्वप्न
बार-बार सर्प, अँधेरा या पूर्वज से जुड़े दुःस्वप्न।
शापित दोष निवारण मंत्र — 108 बार
ॐ शं शनैश्चराय नमः। ॐ राहवे नमः। ॐ शापित दोष निवारणाय नमः। ॐ पितृ देवाय स्वाहा॥
🛡️ 5 उपाय — शापित दोष निवारण
शापित दोष निवारण मंत्र
40 दिन108 बार प्रतिदिन — विशेष रूप से शनिवार और शनि अमावस्या। मंत्र नीचे दिया है।
नागपंचमी पूजा
वार्षिकनाग देव + राहु की युगल पूजा। शनि + राहु दोष का एकसाथ निवारण।
पितृ तर्पण
प्रतिमाहप्रतिमाह अमावस्या पर — विशेष रूप से शनिश्चरी अमावस्या (16 मई 2026)। काले तिल + जल।
राहु-काल दान
हर सोमवारसोमवार राहु-काल में लोहा + काला कपड़ा + उड़द दाल दान। राहु प्रसन्न होते हैं।
काल सर्प दोष शांति
एक बारमंदिर में विशेष काल सर्प पूजा — नागपंचमी या अमावस्या पर। ज्योतिषी की देखरेख में।