🔮 शनि-राहु युति 2026 — शापित दोष उपाय

"सब कुछ क्यों देर से होता है?" — इसका उत्तर शायद यहाँ है।

शापित दोष क्या है?

शापित दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में शनि और राहु एक ही भाव में होते हैं। यह पूर्वजन्म के शाप का संकेत है — जिसके कारण इस जीवन में विवाह देरी, करियर बाधा, संतान कष्ट या आर्थिक हानि हो सकती है।

2026 में ग्रह स्थिति

2026 में शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि राहु मिथुन राशि में हैं। जिन लोगों की कुंडली में शनि-राहु पहले से एक भाव में हैं, उनके लिए 2026 में इस दोष का प्रभाव तीव्र हो सकता है।

शापित दोष के लक्षण

7 शनिवार उपाय — करम ऋण भुगतान

1

शनि-राहु युगल पूजा

शनिवार को शनि मंदिर में पहले शनि पूजा फिर राहु यंत्र पर 5 काली मिर्च + काला उड़द अर्पण।

2

काला उड़द + नीला कपड़ा

काले उड़द + नीले कपड़े में लपेटकर — शनिवार को बहते पानी में प्रवाहित करें। करम ऋण प्रवाह।

3

राहु काल में न करें बड़े काम

शनिवार 9–10:30 AM — कोई नया काम, यात्रा, खरीदारी मत करें। यही "राहु काल" है।

4

हनुमान चालीसा

शनिवार को हनुमान चालीसा 5 बार। हनुमान जी दोनों — शनि और राहु — दोनों से रक्षा करते हैं।

5

महामृत्युंजय जाप

"ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे..." — 108 बार। शनि-राहु की मृत्यु-भय ऊर्जा को शांत करता है।

6

108 दीपक

शनिवार को 108 सरसों तेल दीपक — पीपल वृक्ष के नीचे। दोनों ग्रहों का शमन।

7

शनि तर्पण

काले तिल + जल — "ॐ शं शनैश्चराय नमः" — शनिवार को। पितृ-शनि दोनों का एक साथ शमन।

संबंधित पृष्ठ

शनि-राहु युति 2026 शापित दोष उपाय | वेदकोश | VedKosh