बगलामुखी माता / पीतांबरा देवी
जय जय पीतांबरा माता
माँ बगलामुखी (पीतांबरा माता) की आरती जो दस महाविद्याओं में से एक हैं और शत्रु स्तंभन की देवी के रूप में दतिया और नलखेड़ा में पूजित हैं।
इस आरती के बारे में
बगलामुखी माता की आरती पीतांबरा देवी को समर्पित है जो दस महाविद्याओं में आठवीं हैं और शत्रु स्तंभन, वाद-विजय और न्यायिक जीत के लिए पूजी जाती हैं।
पाठ का समय
बगलामुखी मंदिरों में मंगलवार और शुक्रवार; नवरात्रि; बगलामुखी जयंती
Hindi Lyrics (मूल पाठ)
जय जय पीतांबरा माता, बगलामुखी देवी। दस महाविद्या में श्रेष्ठ, शत्रु नाशिनी देवी॥ जय जय पीतांबरा माता॥ पीले वस्त्र पीले फूल, पीतांबरी नाम। शत्रुओं को स्तंभन करे, पूरे सब काम॥ जय जय पीतांबरा माता॥ दतिया में माँ का धाम, मध्यप्रदेश निवास। हाथ में गदा लिए माँ, करती शत्रु नाश॥ जय जय पीतांबरा माता॥ पीत वर्ण सिंहासन पर, बैठी माँ महान। जिह्वा खींचकर रखती, शत्रु का अभिमान॥ जय जय पीतांबरा माता॥ नलखेड़ा शक्तिपीठ में, होती पूजा नित। बगलामुखी की कृपा से, शत्रु हो पराजित॥ जय जय पीतांबरा माता॥