पितृ अनुष्ठान
गुरुवार पितृ तर्पण
बृहस्पति कृपा से पितृ मोक्ष और पारिवारिक शांति
गुरुवार तर्पण विधि
प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें।
तांबे के पात्र में जल, काले तिल और जौ (बार्ली) मिलाएं।
पितरों का नाम लेकर "अमुकस्य तर्पयामि" कहते हुए जल अंजलि से अर्पित करें।
गुरुवार को पीले फूल और केला भी तर्पण के साथ अर्पित करें।
बृहस्पति मंत्र — ॐ बृं बृहस्पतये नमः — का 21 बार जप करें।
विशेष दिन और संयोग
गुरुवार + अमावस्या
सर्वाधिक प्रभावशाली — बृहस्पति और पितृ-तिथि का संयोग
गुरुवार + पुष्य नक्षत्र (गुरु पुष्य)
पितृ मोक्ष के लिए अत्यंत शुभ
पितृ पक्ष (श्राद्ध) का गुरुवार
पितृ पक्ष के 16 दिनों में आने वाला गुरुवार