पंचांग

शुभ योग — सिद्धि, अमृत और पुष्य योग

त्वरित तथ्य

  • सर्वोत्तम योग: अमृत सिद्धि योग
  • निर्माण: शुभ तिथि + पुष्य/रोहिणी नक्षत्र
  • आवृत्ति: वर्ष में ~12 बार
  • खरीदारी का सर्वश्रेष्ठ: रवि पुष्य या गुरु पुष्य

📖 प्रमुख शुभ योग

अमृत सिद्धि योग

वर्ष में ~12 बार

निर्माण: रविवार + रोहिणी/हस्त/पुष्य नक्षत्र

सर्वोत्तम कार्यों के लिए। इस दिन किया कोई भी शुभ कार्य — विशेषतः खरीद-फरोख्त — अमृत जैसा फल देता है।

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सर्वार्थ सिद्धि योग

मासिक — कई दिन

निर्माण: शुभ वार + शुभ नक्षत्र संयोग

सभी इच्छाओं की पूर्ति का योग। इस योग में व्यापार, विवाह, यात्रा, गृह प्रवेश सभी शुभ होते हैं।

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रवि पुष्य योग

वर्ष में 1-2 बार

निर्माण: रविवार + पुष्य नक्षत्र

सोना, वाहन, संपत्ति और इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ। व्यापार प्रारंभ के लिए विशेष।

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गुरु पुष्य योग

वर्ष में ~4-5 बार

निर्माण: बृहस्पतिवार + पुष्य नक्षत्र

ज्ञान, शिक्षा, आध्यात्मिक साधना और धन संबंधी कार्यों के लिए विशेष शुभ। गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

🔮

सिद्धि योग

पंचांग अनुसार भिन्न

निर्माण: 27 योगों में से एक — नित्य पंचांग में उपलब्ध

इस योग में प्रारंभ किए कार्य सिद्ध (सफल) होते हैं। विशेषतः मांगलिक कार्यों और शिक्षा के लिए।

📅 2026 के आगामी शुभ योग

22 मार्च 2026 (रविवार)रवि पुष्य योग
2 अप्रैल 2026 (बृहस्पतिवार)गुरु पुष्य योग
19 अप्रैल 2026 (रविवार)अमृत सिद्धि योग
14 जून 2026 (रविवार)रवि पुष्य योग
25 जून 2026 (बृहस्पतिवार)गुरु पुष्य योग
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