अन्नमय्या कीर्तनालु
रचयिता: तल्लापाक अन्नमाचार्य (१५वीं शताब्दी)
Sanskrit Lyrics (मूल पाठ)
ॐ अन्नमय्या कीर्तनलु ॥ ब्रह्मकडिगिन पदमु ॥ ब्रह्मकडिगिन पदमु ब्रह्मम्दे निलचिन पदमु मुक्कोटि देवतलु मोक्करिञ्चिन पदमु नलिन भवुण्डु जन्मनाल्गिन पदमु ॥ कोन्डलोन नेलकोन्न ॥ कोन्डलोन नेलकोन्न कोन्डलरायुडु कोन्डालोन नेलकोन्न कोन्डलरायुडु ॥ अधराम्बूतमु ॥ अधराम्बूतमु गानम्माधुर्यामृतमु मधुरमे निम्म सुधामयम्