मांगलिक दोष — क्या है, कैसे पहचानें और 10 वैदिक उपाय
मांगलिक दोष (या मंगल दोष) तब बनता है जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह कुछ विशेष भावों में स्थित हो। यह विवाह, स्वास्थ्य और घरेलू शांति को प्रभावित कर सकता है। हालाँकि, उचित उपायों से इसका प्रभाव कम किया जा सकता है।
मांगलिक दोष क्या है?
वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, भूमि और युद्ध का कारक माना जाता है। जब मंगल 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में हो, तो वह विवाह संबंधी जीवन में बाधा उत्पन्न कर सकता है। इसीलिए कुंडली मिलान में मांगलिक दोष की जाँच अनिवार्य मानी जाती है।
🏠 मंगल का भाव अनुसार प्रभाव
| भाव | भाव का अर्थ | मांगलिक? | कारण |
|---|---|---|---|
| 1 | लग्न (स्व) | ⚠️ हाँ | व्यक्तित्व और शरीर को प्रभावित करता है |
| 2 | धन और कुटुंब | ✅ नहीं | कुछ शास्त्रों में उल्लेख |
| 4 | मातृ और सुख भाव | ⚠️ हाँ | घरेलू शांति को बाधित करता है |
| 7 | दांपत्य / विवाह | ⚠️ हाँ | विवाह जीवन पर सर्वाधिक प्रभाव |
| 8 | आयु और मृत्यु | ⚠️ हाँ | आयु और दुर्घटना भय |
| 12 | व्यय और शय्या सुख | ⚠️ हाँ | शयन सुख पर प्रभाव |
🔭 अपनी कुंडली में मांगलिक दोष जाँचें
हमारा AI-आधारित कुंडली विश्लेषण उपकरण मांगलिक दोष की पहचान करता है।
मांगलिक दोष चेकर खोलें →🛡️ 10 वैदिक उपाय
⚠️ ज्योतिषीय मार्गदर्शन: यह जानकारी वैदिक ज्योतिष परंपरा पर आधारित है और शैक्षिक उद्देश्य से दी गई है। व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।