🌺 रविवार सूर्य पूजा — लाल गुड़हल फूल

क्यों सूर्यदेव को लाल गुड़हल सबसे प्रिय है — शास्त्र, विज्ञान और विधि।

क्यों लाल गुड़हल?

🌺 लाल रंग = सूर्य का रंग

सूर्य का प्रतीक रंग लाल है। गुड़हल का लाल रंग सूर्य की किरणों जैसा — देवता को प्रिय।

🔬 वैज्ञानिक तथ्य

लाल गुड़हल में Hibiscus acid होता है — सूर्य की UV किरणों के संपर्क में सबसे अधिक खिलता है।

📿 शास्त्र प्रमाण

भविष्य पुराण में उल्लेख — "रक्त पुष्पैः सूर्यं पूजयेत्" (सूर्य की पूजा लाल फूलों से करें)।

⚕️ आयुर्वेदिक पहलू

गुड़हल रक्तशोधक है। रविवार पूजा में गुड़हल का सेवन (चाय) — रक्तचाप और हृदय के लिए लाभकारी।

5 चरण — पूजा विधि

1

रविवार प्रातः सूर्योदय से पहले स्नान करें।

2

पूर्व दिशा में सूर्य प्रतिमा स्थापित करें।

3

तांबे के लोटे में केसर + लाल गुड़हल की पंखुड़ियाँ + जल — अर्घ्य दें।

4

लाल गुड़हल के 5-11 फूल सूर्य को चढ़ाएं — "ॐ आदित्याय नमः"।

5

घी दीपक जलाएं + गुड़-गेहूं का भोग — 3 बार परिक्रमा।

समस्या → समाधान

समस्याउपाय
करियर में रुकावट11 रविवार लगातार लाल गुड़हल पूजा।
नेत्र रोगगुड़हल की पंखुड़ियाँ + अर्घ्य — 21 रविवार।
सरकारी नौकरी नहीं मिल रहीलाल गुड़हल + बीज मंत्र 108 बार।
आत्मविश्वास की कमीसूर्योदय पर गुड़हल + सूर्य नमस्कार।
पिता से संबंध बिगड़ेरविवार गुड़हल + "ॐ सवित्रे नमः" 21 बार।

सूर्य पूजा सामग्री

0/6
  • लाल गुड़हल — 5 या 11 फूल
    Fresh red hibiscus — not plastic/dried
  • तांबे का लोटा
    Copper pot for arghya
  • केसर — 4-5 धागे
    Saffron in arghya water
  • लाल चंदन
    Red sandalwood paste for Sun idol
  • गुड़ + गेहूं
    Jaggery + wheat — naivedya
  • घी दीपक
    Ghee lamp — not mustard oil

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